RE-NEET Solver Gang: झारखंड कनेक्शन से मचा हड़कंप, स्टेट टॉपर समेत दो छात्राएं गिरफ्तार
बिहार के लखीसराय में सामने आए री-नीट सॉल्वर गैंग मामले में झारखंड कनेक्शन मिलने से शिक्षा जगत में हलचल मच गई है. जांच में गिरिडीह और पलामू की दो छात्राओं के नाम सामने आए हैं, जिन पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने का आरोप है.

रांची : बिहार के लखीसराय में आयोजित री-नीट परीक्षा के दौरान सामने आए कथित सॉल्वर गैंग मामले ने अब झारखंड तक अपनी पहुंच दिखा दी है. जांच में झारखंड की दो छात्राओं के नाम सामने आने के बाद शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है. इनमें से एक छात्रा पूर्व में राज्य स्तरीय परीक्षा में टॉपर रह चुकी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. पुलिस के अनुसार, परीक्षा के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें विभिन्न मेडिकल और स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों से जुड़े छात्र भी शामिल हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित नेटवर्क किस प्रकार काम करता था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है. इस मामले ने परीक्षा प्रणाली, पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं.
झारखंड की दो छात्राओं के नाम आए सामने
जांच के दौरान झारखंड के गिरिडीह और पलामू जिले की दो छात्राओं का नाम सामने आया है. पुलिस के अनुसार, दोनों पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने का आरोप है. इनमें गिरिडीह की रहने वाली पूनम कुमारी और पलामू की चंचल कुमारी शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, दोनों छात्राएं उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई कर रही हैं. मामले में नाम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है.
स्टेट टॉपर का नाम जुड़ने से बढ़ी चर्चा
इस पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा उस समय शुरू हुई जब जांच में शामिल एक छात्रा के बारे में जानकारी मिली कि वह पूर्व में झारखंड इंटर साइंस परीक्षा में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर चुकी थी. एक मेधावी छात्रा का नाम कथित परीक्षा अनियमितता मामले में सामने आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
परिजनों ने जताई है हैरानी
गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद दोनों छात्राओं के परिवारों ने आश्चर्य व्यक्त किया है. परिजनों का कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी. परिवार के सदस्यों का मानना है कि संभवतः किसी के प्रभाव या बहकावे में आकर छात्राएं इस पूरे घटनाक्रम का हिस्सा बनी हों. हालांकि, पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और प्रत्येक पहलू को प्रमाणों के आधार पर परखा जा रहा है.
बायोमेट्रिक व्यवस्था और नेटवर्क की जांच जारी
मामले के सामने आने के बाद परीक्षा में अपनाई गई बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पहचान सत्यापन की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी. पुलिस ने इस मामले में कथित नेटवर्क के कुछ प्रमुख आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क की पहुंच कितनी व्यापक थी. आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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