Ranchi News: OBC कॉलम की मांग को लेकर कांग्रेस का लोकभवन मार्च, नेताओं ने सौंपा ज्ञापन
“रांची में जनगणना-2027 के फॉर्म में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर कांग्रेस ने लोकभवन मार्च किया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, इरफान अंसारी समेत कई नेताओं ने जातिगत जनगणना और OBC की हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया.”

रांची:- जनगणना-2027 के फॉर्म में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बापू वाटिका से लोकभवन तक मार्च निकाला गया. इस दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ओबीसी की आबादी के आंकड़े दर्ज करने की जरूरत पर जोर दिया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के लिए कॉलम मौजूद हैं, तो ओबीसी के लिए अलग व्यवस्था क्यों नहीं है. उन्होंने आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने की बात कही. विधायक प्रदीप यादव, मंत्री इरफान अंसारी और अन्य नेताओं ने भी जातिगत जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट गणना की मांग उठाई. मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया.
बापू वाटिका से लोकभवन तक निकला मार्च
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को ओबीसी कॉलम की मांग को लेकर रैली आयोजित की. मार्च की शुरुआत बापू वाटिका से हुई और यह लोकभवन तक पहुंचा. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जनगणना के फॉर्म में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए. लोकभवन पहुंचने के बाद नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस की ओर से कहा गया कि ओबीसी की आबादी और सामाजिक स्थिति से जुड़े आंकड़े सामने आने से नीतियां बनाने में मदद मिल सकती है.
राधाकृष्ण किशोर ने उठाया अलग कॉलम का सवाल
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रदर्शन के दौरान जनगणना के फॉर्म में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के लिए कॉलम हैं, लेकिन ओबीसी के लिए अलग व्यवस्था नहीं है. मंत्री ने ओबीसी की आबादी करीब 65 प्रतिशत होने का दावा किया. उन्होंने कृषि, व्यवसाय, सरकारी और कॉरपोरेट क्षेत्र में ओबीसी समुदाय के योगदान का भी जिक्र किया. किशोर ने कहा कि अलग कॉलम की मांग को लेकर आंदोलन को गांव और गली तक पहुंचाया जाएगा.
प्रदीप यादव ने मांगी ओबीसी की स्पष्ट गणना
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि ओबीसी की आबादी करीब 60 से 65 प्रतिशत है. उनके मुताबिक, जनगणना में इस वर्ग की वास्तविक संख्या सामने आनी चाहिए. उन्होंने पहले चरण के सर्वे में 33 कॉलम और दूसरे चरण में 40 कॉलम होने की बात कही, लेकिन ओबीसी के लिए स्पष्ट कॉलम नहीं दिए जाने पर सवाल उठाया. यादव ने कहा कि आबादी के सही आंकड़े मिलने से ओबीसी समाज की हिस्सेदारी और जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी.
कांग्रेस नेताओं ने आरक्षण और अधिकारों का मुद्दा उठाया
मंत्री इरफान अंसारी ने ओबीसी के साथ व्यवहार को लेकर चिंता जताई और अलग कॉलम की मांग की. बंधु तिर्की ने कहा कि कांग्रेस लगातार ओबीसी की जातिगत जनगणना की मांग उठा रही है. विधायक अंबा प्रसाद ने ओबीसी की आबादी और आरक्षण के अनुपात का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि समुदाय की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए. मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने जातिगत जनगणना के आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाने और बजट आवंटन में मदद मिलने की बात कही. उन्होंने झारखंड में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत से 14 प्रतिशत किए जाने और 27 प्रतिशत आरक्षण के राज्य सरकार के प्रस्ताव के केंद्र में लंबित होने का भी मुद्दा उठाया.
आंदोलन आगे जारी रखने की बात
मार्च में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव अशोक कमलेश समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ओबीसी जनगणना की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा जाएगा. पार्टी का कहना है कि जातिगत आंकड़े सामने आने से ओबीसी समाज के लिए नीतियां बनाने और उनकी हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को आधार मिल सकता है. लोकभवन में ज्ञापन सौंपने के बाद नेताओं ने आगे भी इस मुद्दे को उठाने की बात कही.


