JPSC-JSSC भर्ती रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 48 घंटे की मोहलत; 18 सितंबर को अगली सुनवाई
“JPSC-JSSC की 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को 48 घंटे का समय दिया है. जानिए अगली सुनवाई और अंतरिम आदेश की पूरी जानकारी.”

रांची. झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. अदालत ने पहले से लागू अंतरिम आदेश को बरकरार रखते हुए सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए महज 48 घंटे का समय दिया. सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक सप्ताह से लेकर चार सप्ताह तक का समय मांगा था, लेकिन अदालत ने लंबी मोहलत देने से इनकार कर दिया. मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर, शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे निर्धारित की गई है. इस सुनवाई पर राज्य के हजारों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं. विवाद में JSSC CGL-2023, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत कई भर्ती प्रक्रियाएं शामिल हैं. नियुक्तियों को लेकर सरकार और अभ्यर्थियों के बीच जारी विवाद अब अदालत के अगले आदेश की दिशा तय करेगा.
भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर सुनवाई
मामला झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस दीपक रौशन की अदालत के समक्ष पहुंचा. याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के भर्ती विज्ञापनों को रद्द करने के फैसले को चुनौती दी है. मंगलवार की सुनवाई में सरकार और JPSC की ओर से पक्ष रखा गया. अदालत ने मामले में पहले पारित अंतरिम आदेश को जारी रखने का निर्देश दिया.
सरकार ने 22 परीक्षाओं को किया था रद्द
17 अगस्त को कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य सरकार ने 2010 से अब तक हुई JPSC-JSSC की 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था. इनमें JSSC CGL, 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती जैसी परीक्षाएं शामिल थीं. सरकार का यह फैसला भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आया था.
स्टेटस रिपोर्ट पर अदालत ने मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय की मांग की. अदालत ने सरकार को दो दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा. रिपोर्ट में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े तथ्यों और सरकार के फैसले का आधार स्पष्ट किए जाने की उम्मीद है. JPSC की ओर से भी अदालत में जवाब दाखिल किया गया.
अंतरिम आदेश बरकरार, नियुक्तियों पर रोक जारी
हाईकोर्ट ने अपने पहले के अंतरिम आदेश को बरकरार रखा है. इसका मतलब है कि भर्ती विज्ञापनों को रद्द करने के फैसले पर फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. अदालत के अगले आदेश तक इस मामले में स्थिति यथावत रहेगी. अभ्यर्थियों के लिए यह सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ने को लेकर असमंजस बना हुआ है.
18 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार, 18 सितंबर को सुबह 10:30 बजे होगी. अब सभी की नजरें सरकार की स्टेटस रिपोर्ट और अदालत के अगले निर्देश पर हैं. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और चंचल जैन समेत अन्य वकीलों ने पक्ष रखा. JPSC की ओर से अधिवक्ता संजोय पिपरवाल पेश हुए.



