जमशेदपुर डांडिया विवाद पर सियासत तेज, इरफान अंसारी पर भानु प्रताप शाही का तीखा हमला, बोले- किसी बांग्लादेशी के इशारे पर नहीं चलेगा झारखंड
झारखंड में जमशेदपुर के डांडिया कार्यक्रमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तो भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने उन पर तीखा हमला बोला.

Ranchi/Jamshedpur: झारखंड में डांडिया कार्यक्रमों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है. जमशेदपुर में डांडिया कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम युवकों की मौजूदगी और उनकी पहचान को लेकर उठे सवालों के बीच स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इसके बाद भाजपा के फायरब्रांड नेता भानु प्रताप शाही ने इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला है. शाही ने मंत्री पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और समाज को दूषित करने का आरोप लगाया.
इरफान अंसारी ने की कार्रवाई की मांग
जमशेदपुर में डांडिया कार्यक्रमों के आयोजन और उनमें शामिल होने वाले लोगों की पहचान को लेकर विवाद पहले से जारी है. हिंदू संगठनों ने इन आयोजनों में धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का पालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई है. इसी बीच डांडिया कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों की मौजूदगी को लेकर बजरंग दल की गतिविधियों पर सवाल उठने के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी. मंत्री ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया और भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई.
भानु प्रताप शाही का इरफान अंसारी पर हमला
भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने इरफान अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री जैसे लोग समाज को दूषित कर रहे हैं. उन्होंने तर्क दिया कि यदि संबंधित कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों के प्रवेश पर पाबंदी थी, तो उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था. शाही ने आरोप लगाया कि इरफान अंसारी सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट करके धार्मिक भावनाओं को भड़काना चाहते हैं. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इरफान अंसारी जैसे नेताओं के इशारे पर हिंदू आयोजनों में 'लव जिहाद' का खेल चलाने की साजिश रची जा रही है. हालांकि, यह आरोप भाजपा नेता का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
'किसी बांग्लादेशी के इशारे पर नहीं चलेगा झारखंड'
भानु प्रताप शाही ने अपने हमले को और तीखा करते हुए कहा कि झारखंड किसी बांग्लादेशी के इशारे पर नहीं चलेगा, बल्कि यहां के लोगों के हिसाब से चलेगा. उन्होंने इरफान अंसारी को निशाने पर लेते हुए कहा कि राज्य को मंत्री नहीं चलाएंगे. डांडिया कार्यक्रमों के दौरान कथित घटनाओं और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर भी शाही ने कड़ा रुख अपनाया. उनके हवाले से कहा गया कि ऐसी कार्रवाई का विरोध किया जाएगा और ईंट से ईंट बजा देने की चेतावनी दी गई. उन्होंने कहा कि डांडिया कार्यक्रमों में हुई कथित हरकतों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
धार्मिक आयोजन या राजनीतिक टकराव?
जमशेदपुर में डांडिया और गरबा कार्यक्रमों को लेकर पहचान, धार्मिक परंपराओं और गैर-हिंदुओं की भागीदारी का मुद्दा पहले भी उठ चुका है. अब स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता के बीच बयानबाजी से यह विवाद राजनीतिक बहस का विषय बन गया है. एक ओर इरफान अंसारी ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की है, तो दूसरी ओर भानु प्रताप शाही ने मंत्री पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया है. ऐसे में इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल, विवाद के बीच दोनों पक्षों के बयानों ने झारखंड की सियासत में नया टकराव पैदा कर दिया है.


