Political News : JMM ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल, रखीं 9 बड़ी मांगें
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति लगातार दबाव में है और महंगाई का असर आम लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है.


Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर बड़ा हमला बोला है. राजधानी रांची के हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है और आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ता जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि बीते वर्षों में किए गए विकास के दावों और वर्तमान हालात में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है. प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने रुपये की गिरती कीमत, सार्वजनिक उपक्रमों की स्थिति, बढ़ती महंगाई और कॉर्पोरेट कर्ज माफी जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए 9 सूत्री सुझाव और मांगें भी रखीं. पार्टी की ओर से कहा गया कि सरकार को खर्च कम करने, घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने और आम लोगों को राहत देने की दिशा में कदम उठाने चाहिए. प्रेस वार्ता में आर्थिक हालात के साथ-साथ NEET परीक्षा विवाद और भाजपा के विरोध प्रदर्शनों पर भी टिप्पणी की गई.
आर्थिक नीतियों पर केंद्र सरकार को घेरा
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर किया जा रहा है जबकि बड़े कॉर्पोरेट समूहों को राहत दी जा रही है. उन्होंने कहा कि रुपये की कीमत में गिरावट और महंगाई का असर सीधे आम जनता पर पड़ रहा है. पार्टी ने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक असंतुलन की स्थिति बन रही है.
JMM ने रखीं 9 प्रमुख मांगें
प्रेस वार्ता के दौरान JMM की ओर से केंद्र सरकार के सामने कई सुझाव और मांगें रखी गईं. इनमें प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर एक वर्ष तक रोक लगाने, राजनीतिक रैलियों और रोड शो पर नियंत्रण, मंत्रियों के काफिले सीमित करने और सरकारी खर्च कम करने जैसी बातें शामिल थीं. पार्टी ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण पर रोक लगाने और कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की भी मांग की.
NEET विवाद और भाजपा पर भी साधा निशाना
JMM प्रवक्ता ने NEET परीक्षा विवाद को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. सीबीआई जांच को उन्होंने केवल औपचारिक प्रक्रिया बताया. इसके अलावा भाजपा के पानी और बिजली से जुड़े प्रदर्शनों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि महंगाई और आर्थिक दबाव ने पहले ही आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पार्टी ने आशंका जताई कि यदि आर्थिक हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में संकट और गहरा सकता है.

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