PM मोदी के ऐलान में युवाओं से लेकर न्यूक्लियर पावर तक बड़ा रोडमैप, AI ट्रेनिंग से फ्री कोचिंग और 2047 का नया लक्ष्य
PM Modi Independence Day 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग और 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य समेत कई बड़े ऐलान किए.

New Delhi: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने कई ऐसे ऐलान रखे, जिनका असर सीधे युवाओं, छात्रों, महिलाओं, खेल, तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ सकता है. प्रधानमंत्री ने अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क शुरू करने की घोषणा की. इसके साथ 5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट, आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क, सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ाने और 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता का लक्ष्य सामने रखा. महिलाओं के लिए Lakhpati Didi का लक्ष्य भी बढ़ाकर 6 करोड़ किया गया. इन घोषणाओं के साथ पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और युवाओं को केंद्र में रखने का संदेश दिया.
एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग, स्किलिंग पर बड़ा दांव
प्रधानमंत्री मोदी ने AI को भारत के भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ते हुए अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा. सरकार का फोकस युवाओं को ऐसी तकनीकी क्षमता देने पर है, जिससे वे AI आधारित बदलती नौकरियों और उद्योगों के लिए तैयार हो सकें. प्रधानमंत्री ने हाल में आयोजित AI Impact Summit का भी संदर्भ दिया और कहा कि भारत के युवाओं में इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता है. यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब AI केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग, मीडिया और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में बड़े पैमाने पर AI स्किलिंग को सरकार की रोजगार और तकनीकी आत्मनिर्भरता की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि महंगी कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. प्रस्तावित व्यवस्था में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुभवी शिक्षकों और उपलब्ध शैक्षणिक प्रतिभा को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की बात कही गई है. इसका सीधा उद्देश्य उन छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा पहुंचाना है, जो बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग नहीं कर सकते. खासकर UPSC, JEE, NEET और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन संसाधनों का विस्तार महत्वपूर्ण हो सकता है. हालांकि इस नेटवर्क का संचालन, पाठ्यक्रम, पात्रता और शुरुआत की समयसीमा को लेकर विस्तृत व्यवस्था बाद में सामने आएगी.
5 से 15 साल के बच्चों की होगी देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट
खेलों में भारत की स्थिति सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की. इसके तहत गांवों, शहरों और स्कूलों से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की योजना है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत कई ओलंपिक खेलों में अभी पर्याप्त भागीदारी नहीं कर पाता. इसलिए केवल लोकप्रिय खेलों तक सीमित रहने के बजाय उन विधाओं में भी प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दिया जाएगा, जिनमें भारत की मौजूदगी कमजोर है. इसका मकसद कम उम्र में प्रतिभा पहचानकर उसे प्रशिक्षण, पोषण और प्रतियोगी मंच उपलब्ध कराना है. प्रधानमंत्री ने भारत की 2036 ओलंपिक मेजबानी की दावेदारी का भी जिक्र किया और खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए मजबूत आधार तैयार करने की जरूरत बताई.
युद्ध की बदलती तस्वीर के बीच नया सिविल डिफेंस नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से तैयार करने का संकेत दिया. उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं. रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटर, फैक्ट्री और दूसरी महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं भी संकट की स्थिति में प्रभावित हो सकती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार आधुनिक तकनीक और प्रणालियों से लैस वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करेगी. इसके तहत नागरिकों को आधुनिक संकटों से निपटने के तरीकों से परिचित कराने और बड़े स्वयंसेवी सिविल डिफेंस बल को तैयार करने की बात कही गई है. प्रधानमंत्री के मुताबिक पिछली सदी के युद्धों को ध्यान में रखकर तैयार की गई कई व्यवस्थाएं आज की चुनौतियों के लिए पर्याप्त नहीं हैं.
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता
डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सेमीकंडक्टर को लेकर भी प्रधानमंत्री ने भारत की दिशा स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और यहां बनने वाली चिप्स का निर्यात भी शुरू हुआ है. अगले सात-आठ वर्षों में 5 से 8 और सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किए जाने की योजना बताई गई. मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल और AI आधारित सिस्टम के लिए चिप्स की अहमियत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में घरेलू सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने का मतलब केवल आयात पर निर्भरता कम करना नहीं, बल्कि भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में मजबूत जगह दिलाना भी है. प्रधानमंत्री ने इसे विकसित भारत और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर, इसी दशक में 5 नए रिएक्टर
AI, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार के साथ बिजली की मांग भी बढ़ने वाली है. इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा. साथ ही इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की बात कही. प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा को देश की ऊर्जा सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी मात्रा में स्थिर बिजली की जरूरत होगी. उन्होंने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में भारत की प्रगति को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. सरकार की योजना में परमाणु ऊर्जा को ऊर्जा मिश्रण का बड़ा हिस्सा बनाने के साथ परमाणु ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना भी शामिल है.
Lakhpati Didi का लक्ष्य 3 से बढ़ाकर 6 करोड़
प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को भी अपने संबोधन में प्रमुखता दी. उन्होंने कहा कि 3 करोड़ Lakhpati Didi बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है और अब इसे बढ़ाकर 6 करोड़ किया जाएगा. यानी आने वाले समय में तीन करोड़ और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य है. सरकार इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से जोड़ रही है. स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं कारोबार, कृषि आधारित गतिविधियों, हस्तशिल्प और दूसरी आय अर्जित करने वाली गतिविधियों से जुड़ रही हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक ताकत बढ़ने से गांवों की अर्थव्यवस्था में भी व्यापक बदलाव आ सकता है. कुल मिलाकर लाल किले से प्रधानमंत्री का इस साल का संदेश घोषणाओं से आगे एक बड़े रोडमैप के रूप में सामने आया—युवाओं के लिए AI और मुफ्त कोचिंग, बच्चों के लिए खेल प्रतिभा खोज, नागरिक सुरक्षा का आधुनिकीकरण, सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता, परमाणु ऊर्जा का विस्तार और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को एक साथ जोड़कर विकसित भारत की दिशा तय करने की कोशिश की गई.

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