नंदिनी हत्याकांड: नाबालिग की हत्या कर गया में जलाया शव, 3 हिरासत में
रांची के रातू थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग नंदिनी के मामले ने अब एक भयावह मोड़ ले लिया है. पुलिस जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि किशोरी की हत्या कर उसके शव को गया ले जाकर जला दिया गया. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.

Ranchi: रांची के रातू थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग नंदिनी के मामले ने अब एक भयावह मोड़ ले लिया है. पुलिस जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि किशोरी की हत्या कर उसके शव को गया ले जाकर जला दिया गया. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने मुख्य आरोपी सुबोध पाठक, उसके बेटे राहुल उर्फ अक्षय पाठक और एक एंबुलेंस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनमें हत्या की साजिश, शव को ठिकाने लगाने और संभावित अन्य लोगों की संलिप्तता शामिल है. वहीं, मामले में एक निजी अस्पताल संचालक की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जो फिलहाल फरार है. पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
हत्या की पुष्टि और जांच में बड़ा खुलासा
रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नंदिनी की हत्या की पुष्टि हो चुकी है. पूछताछ के दौरान आरोपी अक्षय पाठक ने अपराध कबूल किया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद किशोरी के शव को गया ले जाया गया, जहां सबूत मिटाने के लिए उसे जला दिया गया. एंबुलेंस चालक ने भी स्वीकार किया है कि उसने 13 मार्च की रात शव को ढोने में मदद की थी. स्थानीय लोगों और नंदिनी की सहेलियों ने खुलासा किया है कि अक्षय पाठक अक्सर उसके साथ मारपीट करता था. किशोरी ने इस बारे में कई बार शिकायत भी की थी. पड़ोस की महिलाओं ने भी उसके साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि की है.
ग्रामीणों का शक और पहले की घटना
2 अप्रैल की रात झखराटांड़ गांव के लोगों ने सुबोध पाठक के घर का घेराव किया था. उस समय परिवार ने नंदिनी को गांव भेजने की बात कहकर लिखित आश्वासन दिया था. पुलिस भी ग्रामीणों के साथ जांच के लिए गई थी, लेकिन बाद में मामला संदिग्ध लगने पर एफआईआर दर्ज की गई. मामले में एक निजी अस्पताल के संचालक अमरेश पाठक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. पुलिस के अनुसार, उसने आरोपियों को एंबुलेंस उपलब्ध कराई और फरार होने में मदद की. पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची, तब वह गायब मिला. उसकी तलाश में छापेमारी जारी है.
नरबलि की आशंका से सनसनी
पड़ोसियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आरोपी के घर में साधुओं का आना-जाना लगा रहता था. उन्होंने आशंका जताई है कि यह मामला नरबलि से जुड़ा हो सकता है. हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी है. कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा होने की उम्मीद है.

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