मानसून 2026 अपडेट: झारखंड में जल्द पहुंच सकता है मानसून, मौसम विभाग का बड़ा अनुमान
दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने के साथ ही पूरे देश में मानसून की प्रगति पर नजरें टिकी हुई हैं. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य समय से पहले सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं.

दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने के साथ ही पूरे देश में मानसून की प्रगति पर नजरें टिकी हुई हैं. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य समय से पहले सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं. ऐसे में झारखंड में भी इसके निर्धारित समय से पहले पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है.
12 से 15 जून के बीच झारखंड में मानसून की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, केरल में मानसून का आगमन आमतौर पर 1 से 5 जून के बीच होता है. वर्ष 2026 के लिए जारी अनुमान के मुताबिक मानसून इस बार तेजी से आगे बढ़ सकता है. ऐसे में झारखंड में मानसून 12 से 15 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. मानसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट और वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) वर्ष 2005 से केरल में मानसून आगमन का पूर्वानुमान जारी कर रहा है. इसके लिए उन्नत सांख्यिकीय मॉडल और स्वदेशी तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिसमें लगभग चार दिन की त्रुटि सीमा रहती है. उन्होंने बताया कि पूर्वानुमान तैयार करने में कई महत्वपूर्ण मौसमीय कारकों का अध्ययन किया जाता है.
इन संकेतों पर आधारित होता है पूर्वानुमान
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून पूर्वानुमान में उत्तर-पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान, दक्षिण भारत में मानसून-पूर्व वर्षा, प्रशांत और हिंद महासागर में वायुमंडलीय दबाव तथा हवाओं की स्थिति जैसे कई संकेतकों का विश्लेषण किया जाता है. इन सभी कारकों के आधार पर मानसून की दिशा और गति का अनुमान लगाया जाता है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो झारखंड में मानसून निर्धारित समय से पहले पहुंच सकता है. इससे न केवल भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि किसानों के लिए कृषि कार्य भी समय पर शुरू हो सकेंगे. मानसून की शुरुआती बारिश से राज्य में जलस्तर में सुधार की भी उम्मीद है.


