एशिया कप ट्रॉफी विवाद के बाद अब पीसीबी और एसीसी के चीफ मोहसिन नकवी पर कार्रवाई हो सकती है. बीसीसीआई नकवी के खिलाफ एक्शन मोड में है. वहीं मोहसिन नकवी अपनी जिद पर कायम हैं. नकवी एशिया कप 2025 की ट्रॉफी भारत को लौटाने के लिए तैयार हैं लेकिन एक शर्त रखी है. उनका कहना है कि सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम को मेडल और ट्रॉफी तभी मिलेगी जब एक औपचारिक समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें उन्हें भारतीय टीम को अपने हाथ से ट्रॉफी और मेडल देने की जिम्मेदारी दी जाएगी. 30 सितंबर को एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ मोहसिन नकवी और बीसीसीआई के अधिकारियों के बीच वर्चुअल मीटिंग हुई, जिसमें ट्रॉफी को लेकर जमकर बहस हुई. बीसीसीआई ने जब नकवी से सवाल किए कि ट्रॉफी टीम इंडिया को क्यों नहीं दी गई. तब उन्होंने कहा कि मुझे मंच पर एक कार्टून की तरह खड़ा रहना पड़ा और टीम इंडिया ट्रॉफी लेने नहीं आई.
ICC तक जाएगी शिकायत
बीसीसीआई के राजीव शुक्ला और आशीष शेलार ने नकवी से कहा कि ट्रॉफी एसीसी के दुबई ऑफिस में रख दी जाए, जहां से बाद में बीसीसीआई उसे भारत लाकर खिलाड़ियों को सौंप देगा. बीसीसीआई अधिकारियों ने कहा कि हम वैध विजेता हैं और हमें ट्रॉफी चाहिए. इस बैठक में माहौल इतना गर्म हो गया कि बीसीसीआई की ओर से चेतावनी दी गई कि अगर मामला नहीं सुलझा तो शिकायत आईसीसी तक जाएगी.
अफरीदी ने PCB या पॉलिटिक्स चुनने को कहा
उधर पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने नकवी को पीसीबी और पॉलिटिक्स में से किसी को चुनने के लिए कहा है. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने विशेष रूप से नकवी के सलाहकारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है. टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट पर अफरीदी ने कहा, 'नकवी साहब से मेरा अनुरोध या सलाह यह है कि ये दो बहुत महत्वपूर्ण पद हैं और ये बड़े काम हैं जिनके लिए समय चाहिए. पीसीबी गृह मंत्रालय से बिलकुल अलग है, इसलिए इसे अलग रखा जाना चाहिए.' अफरीदी ने स्वीकार किया कि यह कदम उठाना आसान नहीं है, लेकिन फिर भी उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान क्रिकेट के भीतर प्राथमिकता होनी चाहिए.





