Palamu: पलामू जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी कागजात के जरिए एक किरायेदार द्वारा दुकान पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगा है. हैरानी की बात यह है कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री दीपक बिरुवा के दो बार स्पष्ट निर्देश देने के बावजूद स्थानीय प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है.
मामला पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैंक रोड का है. यहां के निवासी विजय प्रसाद सोनी ने मुख्यमंत्री और मंत्री दीपक बिरुवा को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है. पीड़ित के अनुसार, उनके माता-पिता कलावती देवी और रामचन्द्र प्रसाद सोनी के नाम से दर्ज वैध भूमि एवं दुकान पर रूपेश कुमार प्रजापति नामक व्यक्ति किरायेदार था. निर्धारित अवधि समाप्त हो जाने के बावजूद किरायेदार दुकान खाली नहीं कर रहा है.
आरोप है कि संबंधित किरायेदार ने फर्जी एकरारनामा (जाली दस्तावेज) तैयार कर लिया है और बीते छह महीनों से किराया भी नहीं दे रहा है. पीड़ित परिवार का कहना है कि दुकान खाली कराने की मांग करने पर बुजुर्ग मकान मालिक के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.
यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इंडिया गठबंधन द्वारा उठाए जाने के बाद मंत्री दीपक बिरुवा के संज्ञान में आया. मंत्री ने तत्काल पलामू के उपायुक्त को मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे. उपायुक्त की ओर से संज्ञान लेने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है.
प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज मंत्री दीपक बिरुवा ने दोबारा सोशल मीडिया के माध्यम से कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि अब तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है और कार्रवाई में हो रही देरी आम जनता के विश्वास को कमजोर कर रही है. मंत्री ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर स्थिति से अवगत कराने को कहा.
मंत्री के सख्त रुख के बावजूद पीड़ित विजय प्रसाद सोनी को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है. यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सरकार के त्वरित न्याय के दावों पर भी गंभीर चिंता पैदा करता है.


