New Delhi:
इंडिया गठबंधन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उम्मीदवार होंगे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जस्टिस रेड्डी के नाम का एलान किया. कहा कि विपक्ष ने एकमत होकर जस्टिस रेड्डी के नाम पर सहमति जताई है. खड़गे ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि उन्होंने गरीबों के लिए कैसे खड़े होकर संविधान की रक्षा की. यह एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं, इसीलिए हम चुनाव लड़ रहे हैं. हमने मिलकर उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एक साझा उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है और मुझे खुशी है कि सभी एक नाम पर सहमत हुए हैं, यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा क्षण है.”
21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे
खड़गे ने बताया कि जस्टिस रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे. उन्होंने कहा बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित न्यायविदों में से एक हैं. उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है. वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं. अगर आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो पता चलेगा कि उन्होंने कैसे उन्होंने गरीबों का पक्ष लिया और संविधान तथा मौलिक अधिकारों की रक्षा की.
जानिए बी सुदर्शन रेड्डी को
आंध्र प्रदेश के अकुला मायलाराम गांव में 8 जुलाई 1946 को बी सुदर्शन का जन्म को हुआ था. 1971 में उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल की. 1971 में ही एडवोकेट के तौर पर नामांकित हुए. फिर उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में रिट और सिविल मामलों में प्रैक्टिस की. इसके बाद 1988-90 के दौरान हाईकोर्ट में सरकारी वकील के तौर पर काम किया. 2 मई 1995 को उन्हें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया. फिर 2005 में गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया. 2007 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने और 2011 में रिटायर हुए.
एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार
एनडीए गठबंधन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है. राधाकृष्णन 19 अगस्त की शाम तक अपना नॉमिनेशन फाइल करेंगे. राधाकृष्णन झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं और कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद भी रहे हैं.
उपराष्ट्रपति चुनाव का गणित
राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों के वोट से उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है. दोनों सदनों में कुल 782 सांसद हैं. इनमें 542 लोकसभा और 240 राज्यसभा के सांसद हैं. बहुमत के लिए 382 सांसदों की जरूरत है. सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 134 कुल 427 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है. यानी उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए का पलड़ा भारी दिख रहा है. उधर इंडिया गठबंधन के पास 355 सांसदों का गणित है, जिसमें 249 लोकसभा और 106 राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. हालांकि, इनमें से 133 सांसदों का समर्थन अभी अनिर्णित माना जा रहा है जो इस चुनाव के फैसले में निर्णायक साबित हो सकते हैं. इन्हीं अनिर्णित 133 वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए एनडीए और इंडिया गठबंधन की कोशिशें होगी. क्रॉस वोटिंग की भी संभावना जताई जा रही है. अगर ऐसा हुआ तो सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने में ज्यादा आसानी होगी.





