JSSC CGL : आयोग के अधिकारियों-कर्मचारियों को जान से मारने की दी गई धमकी
जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करने के लेकर ई-मेल के जरिये आयोग के कर्मचारियों और अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी गई है.


रांची : जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर झारखंड में बवाल जारी है. हजारीबाग में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के बाद स्थिति और गंभीर होती जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने परीक्षा की सीआईडी जांच की मंजूरी दी है. उधर स्पेशल ब्रांच ने अलर्ट किया है कि रविवार (15 दिसंबर) को राज्यभर से करीब 5000 अभ्यर्थी रांची में जुटेंगे. इसे लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है. छात्रों को जेएसएससी कार्यालय पहुंचने के लिए कई जगहों पर बेरिकेडिंग की गई है और पुलिस बलों की तैनाती की गई है. उधर जेएसएससी ने एक बार फिर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज कर दिया है. शनिवार को जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जांच में सारे आरोप निराधार पाये गये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा रद्द करने के लेकर ई-मेल के जरिये आयोग के कर्मचारियों और अधिकारियों को गंदी-गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी दी गई है. इसे लेकर आयोग के तरफ से प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है.
परीक्षा में नहीं हुई है गड़बड़ी : आयोग
सचिव ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा बिलकुल साफ सुथरे ढंग से हुई है और इसमें किसी भी प्रकार की धांधली नहीं हुई है. जेएसएससी पहले भी अपने स्तर पर जांच कर चुकी है, जिसमें उन्होंने कोई भी गड़बड़ी नहीं पाई थी. कहा कि सोशल मीडिया में अफवाह फैलाया जा रहा है कि इस परीक्षा में झारखंड के बाहर के अभ्यर्थियों को पास किया गया है, जबकि यह आरोप गलत है. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए जारी मेधा सूची में करीब 30 फीसदी एसटी, 12 फीसदी एससी, 22 फीसदी ईबीसी 1 और 19 फीसदी पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी हैं. प्रमाण पत्रों की जांच के लिए कुल 2231 अभ्यर्थी आमंत्रित किये गये हैं. इसमें से 96 फीसदी यानी 2145 अभ्यर्थी झारखंड के निवासी हैं.
मेरिट लिस्ट के साथ ही कट ऑफ जारी होगा
आयोग ने मीडिया को संबोधित करते हुए ये कहा कि “सोशल मीडिया के माध्यम से यह सवाल उठाया जा रहा है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के शेड्यूल के साथ कट ऑफ मार्क्स जारी क्यों नहीं किए गए. सचिव ने कहा कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का शेड्यूल अंतिम रिजल्ट नहीं है, अंतिम रिजल्ट मेरिट लिस्ट को माना जाता है और मेरिट लिस्ट के साथ ही कट ऑफ मार्क्स भी जारी किए जाएंगे.
क्या है मामला
जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा 21 और 22 सितंबर को पूरे झारखंड में आयोजित की गई थी. इसमें 3,04,694 उम्मीदवार शामिल हुए थे. परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर लीक का आरोप लगाया और फिर राज्यभर में हंगामा शुरू हो गया. सड़क से सोशल मीडिया तक अभ्यर्थियों ने जेएसएससी के खिलाफ जंग छेड़ दी और परीक्षा को रद्द करने की मांग शुरू की. शिकायतकर्ताओं ने हाईकोर्ट में भी केस दर्ज किया है. जेएसएससी ने भी शिकायतकर्ताओं से कई बार गड़बड़ी के सबूत मांगे थे, लेकिन जो सबूत आयोग को मिले वह जांच में गलत पाये गये. इसके बाद जेएसएससी ने पहले आंसर की निकाला और 4 दिसंबर को रिजल्ट भी जारी कर दिया. 16 से 20 दिसंबर तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का भी शेड्यूल जारी कर दिया. वहीं अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा हर हाल में रद्द हो.

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