JPSC Scam: 299 अंक के बाद भी नहीं हुआ चयन, आंदोलन में 1000 रुपये लेकर पहुंचा छात्र; छलका अभ्यर्थियों का दर्द
“JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है. एक छात्रा ने 300 में 299 अंक के बावजूद चयन नहीं होने का दावा किया, वहीं एक छात्र मां से 1000 रुपये लेकर धरने में पहुंचा.”

रांची में जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आसपास जुटे अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इस आंदोलन में शामिल युवाओं की कहानियां अब विरोध की वजह को और गहराई से सामने ला रही हैं. बोकारो से पहुंची एक छात्रा ने दावा किया कि पीजीटी परीक्षा में उसे 300 में से 299 अंक मिले, इसके बावजूद उसका चयन नहीं हो सका. वहीं, आंदोलन में शामिल एक अन्य छात्र ने बताया कि वह अपनी मां से 1,000 रुपये लेकर रांची आया है और सीमित साधनों में दूसरे अभ्यर्थियों के साथ रहकर आंदोलन कर रहा है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार सामने आने वाली कथित गड़बड़ियों ने उनका भरोसा तोड़ा है. वे जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने, अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं.
299 अंक के बाद भी चयन नहीं होने का छात्रा ने किया दावा
आंदोलन में शामिल बोकारो की मंजू ने अपनी परीक्षा से जुड़ी परेशानी साझा की. उनके मुताबिक, उन्होंने पीजीटी परीक्षा दी थी और 300 में से 299 अंक हासिल किए, लेकिन इसके बावजूद चयन सूची में उनका नाम नहीं आया. छात्रा का कहना है कि लंबे समय तक पढ़ाई और मेहनत करने के बाद भी परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. उन्होंने यह भी बताया कि परिवार की ओर से अब पढ़ाई को लेकर सवाल किए जाते हैं. उनके बयान के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
मां से 1000 रुपये लेकर धरने में पहुंचा अभ्यर्थी
धरना स्थल पर मौजूद एक छात्र ने आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए बताया कि उसके पिता किसान हैं. परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उसके लिए आसान नहीं है. छात्र के मुताबिक, वह अपनी मां से 1,000 रुपये लेकर आंदोलन में शामिल होने रांची आया है. प्रदर्शन स्थल पर साथी अभ्यर्थियों के साथ खाना साझा करके वह समय गुजार रहा है. उसका कहना है कि नौकरी की तैयारी के साथ अब आंदोलन भी उसके जीवन का हिस्सा बन गया है.
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाओं ने अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर किया है. आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्राओं की भी भागीदारी है. कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों से जेपीएससी और जेएसएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार उठते विवादों से उनका भविष्य अनिश्चित होता जा रहा है.
बाहरी एजेंसी के बजाय आयोग से परीक्षा कराने की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की एक प्रमुख मांग परीक्षा संचालन को लेकर है. उनका आरोप है कि बाहरी एजेंसियों के जरिए परीक्षा कराने से व्यवस्था में पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं. छात्रों का कहना है कि किसी गड़बड़ी के बाद जिम्मेदारी एजेंसी पर डालने के बजाय परीक्षा कराने वाली व्यवस्था को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए. उनकी मांग है कि जेपीएससी और जेएसएससी खुद पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं आयोजित करें.
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा. अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और भविष्य से जुड़ा सवाल है. आंदोलन में शामिल युवाओं का कहना है कि परिवार की उम्मीदों और आर्थिक परेशानियों के बावजूद वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उनका जोर किसी राजनीतिक दल पर नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अपने अधिकारों की मांग पर है.


