वसुंधरा राजे के किले में कांग्रेस की सेंध, झालावाड़ नगर परिषद पर हाथ का कब्जा
“राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में झालावाड़ नगर परिषद पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया. वसुंधरा राजे के गढ़ में बीजेपी को बड़ा झटका लगा. जानिए जिले के सभी आठ निकायों के नतीजे. ”

Rajasthan: राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में झालावाड़ जिले में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बीजेपी को बड़ा झटका दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सियासी गढ़ झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया. बीजेपी को सिर्फ 13 सीटों पर जीत मिली. कांग्रेस ने भवानी मंडी, खानपुर और डग निकायों में भी बहुमत हासिल किया है. वहीं, झालरापाटन, अकलेरा और मनोहरथाना में बीजेपी का बोर्ड बनने की स्थिति है. पिड़ावा में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जहां आम आदमी पार्टी किंगमेकर की भूमिका में आ गई है.
वसुंधरा राजे के सियासी गढ़ में बीजेपी को झटका
झालावाड़ और झालरापाटन क्षेत्र लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके बेटे दुष्यंत सिंह के मजबूत राजनीतिक आधार के रूप में पहचाने जाते हैं. ऐसे में झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस की 29 सीटों पर जीत को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वसुंधरा राजे झालरापाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं, जबकि दुष्यंत सिंह झालावाड़-बारां लोकसभा सीट से सांसद हैं. स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की बढ़त ने बीजेपी के इस मजबूत गढ़ में राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज कर दी है. प्रत्याशियों के चयन को लेकर असंतोष और पार्टी के भीतर गुटबाजी को बीजेपी के कमजोर प्रदर्शन की संभावित वजह माना जा रहा है. हालांकि, इन कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
झालावाड़ नगर परिषद पर कांग्रेस का कब्जा
झालावाड़ नगर परिषद के 45 वार्डों के घोषित नतीजों में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 पार्षद सीटें जीत ली हैं. बीजेपी को 13 वार्डों में सफलता मिली, जबकि दो सीटें निर्दलीय और एक सीट आम आदमी पार्टी के खाते में गई. बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटों का आंकड़ा कांग्रेस ने आसानी से पार कर लिया है. इससे नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनना तय माना जा रहा है. पिछले कार्यकाल में यहां बीजेपी का बोर्ड था, जिसे कांग्रेस ने इस चुनाव में हटा दिया है. कांग्रेस की इस जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है. सभापति और उपसभापति पद पर भी कांग्रेस का कब्जा होने की संभावना है. नगर परिषद के नतीजे बीजेपी के लिए बड़ा झटका माने जा रहे हैं.
भवानी मंडी, खानपुर और डग में कांग्रेस का दबदबा
झालावाड़ नगर परिषद के अलावा कांग्रेस ने भवानी मंडी, खानपुर और डग निकायों में भी बहुमत हासिल किया है. भवानी मंडी में कांग्रेस ने 26 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी को 13 और निर्दलीय को एक सीट मिली. खानपुर नगर पालिका में कांग्रेस को 18 और बीजेपी को 7 सीटों पर जीत मिली. डग में कांग्रेस ने 14 वार्डों पर कब्जा जमाया, जबकि बीजेपी को 6 सीटें मिलीं. इन नतीजों ने जिले में कांग्रेस की स्थिति मजबूत की है. पार्टी के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्थानीय निकाय चुनावों में प्रदर्शन का असर आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक रणनीति पर पड़ सकता है.
पिड़ावा में आम आदमी पार्टी बनी किंगमेकर
पिड़ावा नगर पालिका में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. यहां कांग्रेस ने 8 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी को 6 सीटों पर सफलता मिली. आम आदमी पार्टी ने 5 वार्डों में जीत दर्ज की और निर्दलीय प्रत्याशी को एक सीट मिली. बहुमत के लिए जरूरी 11 सीटों का आंकड़ा किसी भी दल के पास नहीं है. ऐसे में आम आदमी पार्टी की भूमिका अहम हो गई है. बोर्ड गठन के लिए कांग्रेस या बीजेपी को निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों का समर्थन लेना पड़ सकता है. पिड़ावा के नतीजे जिले की राजनीति में गठजोड़ और स्थानीय समीकरणों को महत्वपूर्ण बना रहे हैं.



