JPSC भर्ती घोटाला: जांच में नए खुलासे, होटल लीज से लेकर गिरफ्तारियों तक कई अहम तथ्य आए सामने
झारखंड में JPSC भर्ती घोटाले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. CID की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने वर्ष 2021 में रांची के स्टेशन रोड स्थित एक होटल को लंबे समय के लिए लीज पर लिया था. जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है .

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती से जुड़े कथित घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं. मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को अब मुख्य आरोपी से जुड़े कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है. जांच एजेंसी को जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने वर्ष 2021 के दौरान रांची के स्टेशन रोड स्थित एक होटल को लंबे समय के लिए लीज पर लिया था. आशंका जताई जा रही है कि उस स्थान का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लोगों की बैठकों और अन्य गतिविधियों के लिए किया जाता था. हालांकि, इन पहलुओं की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी. सीआईडी होटल से जुड़े दस्तावेजों, रजिस्टर, बिल और वहां आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है. इसी बीच मामले में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को कई नए सुराग मिले हैं. लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि जांच अब केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.
होटल लीज की जांच पर सीआईडी का फोकस
जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्य आरोपी ने वर्ष 2021 में रांची के स्टेशन रोड स्थित एक होटल को करीब 11 महीने के लिए लीज पर लिया था. अब यह पता लगाया जा रहा है कि उस अवधि में होटल का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया. सीआईडी होटल के रजिस्टर, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और वहां ठहरने वाले लोगों का विवरण जुटा रही है. जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि क्या इस स्थान का संबंध कथित परीक्षा अनियमितताओं से था.
दो और आरोपियों की गिरफ्तारी से जांच को मिली नई दिशा
शनिवार को सीआईडी ने मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें जेपीएससी का एक कर्मचारी और मुख्य आरोपी का एक सहयोगी शामिल है. अधिकारियों के अनुसार, इन गिरफ्तारियों से पहले रिमांड पर लिए गए अन्य आरोपियों से पूछताछ की गई थी, जिसके आधार पर नए तथ्य सामने आए. एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी.
पूछताछ में सामने आए कई अहम तथ्य
जांच के दौरान सीआईडी को मुख्य आरोपी की शैक्षणिक और सेवा संबंधी पृष्ठभूमि से जुड़ी कई जानकारियां भी मिली हैं. अधिकारियों के अनुसार, वह पहले प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी एक एजेंसी में कार्यरत रहा था और बाद में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर सरकारी सेवा में पहुंचा. जांच एजेंसी इस पूरे घटनाक्रम और उससे जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा था.
कई प्रतियोगी परीक्षाओं पर पड़ा असर
भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के सामने आने के बाद आयोग की कई परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं. पहले घोषित कुछ परीक्षाओं को स्थगित किया जा चुका है, जबकि अन्य भर्ती प्रक्रियाओं पर भी अनिश्चितता बनी हुई है. इससे सैकड़ों रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई है और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नई तिथियों का इंतजार कर रहे हैं.
जांच जारी, आगे और खुलासों की संभावना
सीआईडी का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण से आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है. होटल से जुड़े रिकॉर्ड, आरोपियों से पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है. एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए संगठित तरीके से काम किया गया था. अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.

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