झारखंड के आमों ने बनाई वैश्विक पहचान, दुबई के बाजार तक पहुंचा देवघर और गुमला का आम्रपाली आम
झारखंड के देवघर और गुमला जिलों में उत्पादित आम्रपाली आम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रख दिया है. महिला किसान उत्पादक संगठनों द्वारा उगाए गए ये आम दुबई के प्रतिष्ठित रिटेल स्टोर्स तक पहुंचे हैं.

झारखंड के कृषि क्षेत्र के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है. राज्य के देवघर और गुमला जिलों में उत्पादित आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच चुके हैं. पहली बार झारखंड के किसानों, विशेषकर महिला किसान उत्पादक समूहों द्वारा उगाए गए आम दुबई के प्रमुख रिटेल बाजारों में बिक्री के लिए भेजे गए हैं. इस पहल ने राज्य के कृषि उत्पादों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की है. लंबे समय से स्थानीय और घरेलू बाजारों तक सीमित रहने वाले इन उत्पादों के लिए अब वैश्विक अवसर खुलने लगे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि झारखंड के अन्य कृषि उत्पादों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खुल सकते हैं.
महिला किसान समूहों की मेहनत को मिला नया मंच
देवघर और गुमला के महिला किसान उत्पादक संगठनों ने आम उत्पादन और उसकी गुणवत्ता पर लगातार काम किया है. आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाते हुए किसानों ने बेहतर गुणवत्ता वाले आम तैयार किए, जिनकी मांग अब विदेशी बाजारों तक पहुंच रही है. इस उपलब्धि से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिला है.
‘पलाश’ ब्रांड ने बनाई अलग पहचान
राज्य में कृषि उत्पादों की मार्केटिंग के लिए विकसित किए गए ‘पलाश’ ब्रांड ने किसानों को बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पहले घरेलू बाजारों में इस ब्रांड के उत्पादों को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और अब यही पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रही है. ब्रांडिंग और गुणवत्ता नियंत्रण ने निर्यात की राह को आसान बनाया है.
दुबई के रिटेल बाजार तक पहुंची खेप
दुबई के प्रतिष्ठित रिटेल स्टोर्स में झारखंड के आम्रपाली आमों की उपलब्धता राज्य के लिए गर्व का विषय है. विदेशी बाजारों में भारतीय फलों की मांग लगातार बढ़ रही है और झारखंड के आमों को भी इसका लाभ मिल रहा है. यह निर्यात किसानों के लिए नए व्यापारिक अवसरों का संकेत माना जा रहा है.
किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच मिलने से किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकता है. इससे उनकी आय बढ़ने की संभावना है और खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता को भी इससे प्रोत्साहन मिलेगा.
झारखंड के कृषि क्षेत्र के लिए नई संभावनाएं
आम्रपाली आम के सफल निर्यात ने यह साबित किया है कि झारखंड के कृषि उत्पाद वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकते हैं. यदि इसी तरह गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन पर ध्यान दिया जाता रहा तो राज्य के अन्य फल, सब्जियां और कृषि उत्पाद भी विदेशी बाजारों तक पहुंच सकते हैं. यह उपलब्धि झारखंड को कृषि निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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