जसीडीह बाईपास रेल लाइन से ट्रेनों को मिलेगी सीधी राह, इंजन बदलने की झंझट होगी खत्म: गीतिका पाण्डेय
जसीडीह बाईपास रेल लाइन शुरू होने से देवघर और संथाल परगना के रेल यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है. पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय के अनुसार, इस लाइन से संबंधित ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने यानी लोको रिवर्सल की जरूरत नहीं पड़ेगी.

Deoghar: देवघर और संथाल परगना के रेल यात्रियों के लिए जसीडीह बाईपास रेल लाइन महत्वपूर्ण सुविधा लेकर आई है. इसके चालू होने से उन ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने यानी लोको रिवर्सल की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिन्हें इस वैकल्पिक मार्ग से सीधे आगे बढ़ाया जा सकता है. इससे परिचालन में लगने वाला अतिरिक्त समय बचाने और ट्रेनों की आवाजाही सुचारु बनाने में मदद मिलेगी. पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय ने इस परियोजना को रेल परिचालन की दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल बताया. बाईपास रेल लाइन के उद्घाटन कार्यक्रम में गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे भी उपस्थित रहे. उन्होंने क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने और यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया.
इंजन की दिशा बदलने की जरूरत होगी खत्म
देवघर लिंक केबिन से कुमड़ाबाद-रोहिणी तक तैयार की गई बाईपास रेल लाइन का प्रमुख उद्देश्य संबंधित ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर लोको रिवर्सल की प्रक्रिया से बचाना है. पहले कुछ ट्रेनों को आगे की दिशा में रवाना करने से पहले इंजन की दिशा बदलनी पड़ती थी, जिससे परिचालन में अतिरिक्त समय लगता था. अब इस बाईपास मार्ग का उपयोग करने वाली ट्रेनों को सीधे आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा. इससे यात्रा के समय में बचत होने और रेल परिचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, वास्तविक समय की बचत ट्रेन के निर्धारित मार्ग और परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगी.
जसीडीह स्टेशन पर दबाव घटेगा, यात्रियों को मिलेगा लाभ
नई बाईपास रेल लाइन से जसीडीह मुख्य स्टेशन पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इस मार्ग का उपयोग संबंधित यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के परिचालन के लिए भी किया जा सकता है. इससे रेल नेटवर्क की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने और ट्रेनों की आवाजाही अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी. देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिनमें काफी यात्री रेल मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में बेहतर रेल परिचालन से धार्मिक पर्यटन और यात्रियों की आवाजाही को सुविधा मिलने की संभावना है.
देवघर और संथाल परगना की रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत
बाईपास रेल लाइन के उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की मौजूदगी ने परियोजना के क्षेत्रीय महत्व को रेखांकित किया. बेहतर रेल संपर्क से यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन को भी लाभ मिल सकता है. पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय ने रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. जसीडीह बाईपास रेल लाइन को देवघर और आसपास के क्षेत्रों में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि रेलवे संबंधित ट्रेनों को इस मार्ग से किस तरह संचालित करता है.

