ईरान का सबसे बड़ा वार! इजराइल-अमेरिकी ठिकानों पर दागे मिसाइल-ड्रोन
“मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने का दावा किया है. इजराइल के साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.”

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के 12वें दिन ईरान ने अब तक का सबसे बड़ा हमला करने का दावा किया है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार इजराइल के कई शहरों के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए हैं. इस बीच क्षेत्र के कई देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को अलर्ट पर रखा है और कुछ जगहों पर मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट किए जाने की खबरें सामने आई हैं. दूसरी ओर इजराइल ने भी ईरान और लेबनान में कई ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं. लगातार बढ़ते हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस संकट को लेकर चिंतित नजर आ रहा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे पर चर्चा और प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
ईरान का दावा – इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर बड़ा हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि उसने युद्ध शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है. ईरान के मुताबिक इजराइल के कई शहरों के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया. ईरानी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें ‘खोरमशहर’ जैसी भारी क्षमता वाली मिसाइलें भी शामिल थीं. इसके अलावा कुवैत और बहरीन में मौजूद कुछ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने का दावा किया गया है. हालांकि इन हमलों से कितना नुकसान हुआ है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है. कई खाड़ी देशों ने कहा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई की है.
इजराइल के जवाबी हमले
ईरान के हमलों के बीच इजराइल ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान और उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की. इजराइल का कहना है कि इन हमलों में सैन्य कमांड सेंटर, सुरक्षा प्रतिष्ठान और मिसाइल लॉन्च से जुड़े ढांचे को निशाना बनाया गया. इसके अलावा लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी इलाकों में भी इजराइल ने हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार पिछले कई दिनों से जारी हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं. लगातार बमबारी के कारण बड़ी संख्या में नागरिकों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और कई शहरों में मानवीय संकट गहराता जा रहा है.
ऊर्जा और हवाई यातायात प्रभावित
लगातार बढ़ते हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत ने कहा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए सक्रिय हैं. इसके अलावा पूरे क्षेत्र में हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है. कई देशों ने अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है या उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और एयरलाइंस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऊर्जा आपूर्ति पर भी इस संघर्ष का असर पड़ने लगा है. होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने के कारण तेल और गैस के वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है. कई देशों ने तेल आपूर्ति के वैकल्पिक रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं ताकि संभावित संकट से बचा जा सके.
अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी, संयुक्त राष्ट्र में चर्चा
मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस संघर्ष को लेकर चर्चा जारी है और एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है जिसमें ईरान से क्षेत्रीय हमले रोकने की अपील की गई है. कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. यूरोप और एशिया के कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कुछ देशों ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से अपने नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.


