24 नवंबर से कल्याणपुर में सजेगा भव्य रासमेला, श्री विष्णुयज्ञ के साथ गूंजेगा कृष्ण भक्ति का जयघोष
देवघर के कल्याणपुर में 24 से 30 नवंबर तक सात दिवसीय श्री विष्णुयज्ञ सह रासमेला का आयोजन होगा. सार्वजनिक देवघर नगर रासमेला समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से लेकर कंस वध तक की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी.

देवघर:- देवघर के कल्याणपुर में एक बार फिर भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का भव्य संगम देखने को मिलेगा. सार्वजनिक देवघर नगर रासमेला समिति की ओर से 24 से 30 नवंबर तक सात दिवसीय श्री विष्णुयज्ञ सह रासमेला का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से लेकर उनकी बाल लीलाओं, रासलीला और कंस वध तक की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी. आयोजन की शुरुआत भव्य शोभायात्रा के साथ होगी, जिसमें श्रद्धालुओं और नगरवासियों के शामिल होने की उम्मीद है. इस वर्ष समिति ने धार्मिक कार्यक्रम के साथ सामाजिक जागरूकता को भी विशेष महत्व दिया है. स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, हेलमेट के उपयोग, रक्तदान और बच्चों की शिक्षा जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा. आयोजन की तैयारियों की जानकारी देने के लिए समिति ने कल्याणपुर स्थित कार्यालय में प्रेसवार्ता की. इसमें पदाधिकारियों ने नगरवासियों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की.
सात दिनों तक चलेगा श्री विष्णुयज्ञ सह रासमेला
समिति के अध्यक्ष रमन श्रीवास्तव ने बताया कि 24 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले रासमेला को इस बार पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी है. भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी विभिन्न लीलाओं की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी.
उन्होंने कहा कि रासमेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है. समिति का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें और आपसी सद्भाव मजबूत हो.
वर्ष 1981 से जुड़ी है रासमेला की परंपरा
समिति के उपाध्यक्ष कर्मवीर वर्मा ने बताया कि कल्याणपुर रासमेला की शुरुआत वर्ष 1981 में हुई थी. तत्कालीन वाइस चेयरमैन एवं वार्ड कमिश्नर स्वर्गीय डेगलाल वर्मा ने इस परंपरा की नींव रखी थी.
उनका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कार और सदाचार से जोड़ना था. समिति आज भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है. इस वर्ष आयोजन को व्यापक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने नगरवासियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की.
धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश
समिति के सचिव डॉ. अमर राम ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी पहुंचना चाहिए. इसी सोच के तहत इस बार रासमेला को सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की पहल की गई है.
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने, धूम्रपान से बचने और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा. दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की तत्काल सहायता करने का संदेश भी दिया जाएगा.
रक्तदान और बच्चों की शिक्षा पर भी रहेगा जोर
डॉ. अमर राम ने बताया कि रासमेला के माध्यम से लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा. इसके साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने और बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं कर्तव्य, अनुशासन, सेवा, सदाचार और मानवता का मार्ग दिखाती हैं. श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों को दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है.
नई पीढ़ी को कृष्ण के आदर्शों से जोड़ने की अपील
समिति ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और गीता के संदेशों से परिचित कराएं. इससे नई पीढ़ी में संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव विकसित करने में मदद मिलेगी.

