ओमान तट के पास भारतीय जहाज 'MT जलवीर' पर हमला, तीन दिन में तीसरे शिप को बनाया गया निशाना
“ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय जहाज ‘MT जलवीर’ पर हमले की खबर सामने आई है. घटना गुरुवार को रिपोर्ट की गई, जबकि इससे एक दिन पहले भी ओमान तट के पास एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ था. ”

ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय जहाज ‘MT जलवीर’ पर हमले की खबर सामने आई है. घटना गुरुवार को रिपोर्ट की गई, जबकि इससे एक दिन पहले भी ओमान तट के पास एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ था. सामने आई तस्वीरों में MT जलवीर समुद्र के बीच आग की लपटों में घिरा दिखाई दे रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारी और भारतीय दूतावास हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि घटना की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है. फिलहाल हमले के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है.
भारतीय दूतावास और अधिकारी कर रहे निगरानी
भारतीय दूतावास ने जारी बयान में कहा है कि शिनास बंदरगाह के पास एक पोत से जुड़ी गंभीर घटना की सूचना प्राप्त हुई है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. भारतीय अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क स्थापित कर लिया है और घटना के हर पहलू पर नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जहाज और उसके चालक दल की स्थिति को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल प्राथमिकता जहाज पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और घटना के कारणों का पता लगाना है. भारतीय दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
एक दिन पहले भी हुआ था हमला, 3 भारतीय हुए थे लापता
ओमान तट के पास 10 जून को भी एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ था. इस जहाज का नाम ‘सेटेबेलो’ बताया गया है, जिस पर कुल 28 लोग सवार थे. इनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे. हमले के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय लापता हो गए थे. बाद में लापता तीन लोगों में से दो के शव मिलने की जानकारी भी सामने आई. इस घटना के बाद भारत सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की थी. विदेश मंत्रालय ने बताया कि ओमान में भारतीय दूतावास खोज और बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता सुनिश्चित की जा रही है.
तीन दिनों में तीसरा हमला, बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता
ओमान के समुद्री क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. MT जलवीर पर हुआ हमला पिछले तीन दिनों में तीसरा हमला बताया जा रहा है. इससे पहले भी दो जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित देश इन घटनाओं पर करीबी नजर रखे हुए हैं. लगातार हमलों के कारण इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक व्यापार और जहाजरानी गतिविधियों पर भी पड़ सकता है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां घटनाओं की जांच कर रही हैं और हमलों के पीछे की वजहों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
भारत ने जताया विरोध, अमेरिका से भी हुई चर्चा
सेटेबेलो जहाज पर हुए हमले के बाद भारत ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था. रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने मामले को लेकर अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब कर अपनी चिंता व्यक्त की थी. इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका इस मामले में भारत सरकार के सीधे संपर्क में है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है. हालांकि हमलों के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और संबंधित देश घटनाओं की जांच कर रहे हैं. वहीं भारतीय अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.


