झारखंड में अचानक मोबाइल पर बजा ‘Extremely Severe Alert’, लोग घबराए – जानिए क्या है पूरा मामला
झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में मोबाइल फोन पर अचानक ‘Extremely Severe Alert’ मैसेज आने से लोगों में घबराहट फैल गई. यह अलर्ट बिना इंटरनेट के भी सभी स्मार्टफोन पर एक साथ दिखाई दिया, जिससे कई लोगों ने इसे आपदा या हैकिंग से जोड़कर देखा.

झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह करीब 11:45 बजे अचानक मोबाइल फोन तेज अलार्म के साथ बजने लगे, जिससे लोगों में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई. स्क्रीन पर “Extremely Severe Alert” लिखा मैसेज फ्लैश हुआ, जिसे देखकर कई लोग इसे किसी बड़ी आपदा या खतरे से जोड़ने लगे. खास बात यह रही कि यह अलर्ट लगभग हर स्मार्टफोन पर एक साथ आया और बिना इंटरनेट के भी सक्रिय हो गया. कई लोगों ने इसे हैकिंग या इमरजेंसी सिग्नल समझ लिया, जबकि कुछ ने तुरंत अपने परिजनों से संपर्क करना शुरू कर दिया. हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कोई वास्तविक खतरा नहीं बल्कि केंद्र सरकार द्वारा चलाया गया एक परीक्षण संदेश था, जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना है.
क्या था ‘Extremely Severe Alert’ मैसेज?
यह मैसेज दरअसल एक इमरजेंसी वार्निंग सिस्टम का हिस्सा है, जिसे “Cell Broadcast” तकनीक के जरिए भेजा गया. इस तकनीक के माध्यम से सरकार किसी भी आपदा की स्थिति में एक साथ लाखों मोबाइल यूजर्स तक तत्काल सूचना पहुंचा सकती है. मैसेज में साफ लिखा था कि यह एक “टेस्ट मैसेज” है और इसे लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. इसके बावजूद अचानक तेज अलार्म और चेतावनी शब्दों के कारण लोग चौंक गए.
बिना इंटरनेट के भी पहुंचा अलर्ट
इस अलर्ट की सबसे खास बात यह रही कि यह मैसेज बिना इंटरनेट और बिना किसी ऐप के सीधे मोबाइल फोन पर पहुंचा. Cell Broadcast तकनीक मोबाइल नेटवर्क के जरिए काम करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आपातकालीन स्थिति में भी सूचना हर व्यक्ति तक पहुंचे. यही वजह है कि पुराने फोन या कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी यह अलर्ट दिखाई दिया.
सरकार क्यों कर रही है ऐसा टेस्ट?
भारत सरकार आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए इस तरह के टेस्ट कर रही है. भूकंप, बाढ़, चक्रवात या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर सूचना मिलना बेहद जरूरी होता है. इस सिस्टम के जरिए लोगों को पहले से अलर्ट किया जा सकेगा, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके. यह टेस्ट उसी तैयारी का हिस्सा है.
लोगों में दिखा डर और कन्फ्यूजन
अचानक आए इस अलर्ट ने आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए, तो कुछ ने इसे फर्जी या हैकिंग की कोशिश तक मान लिया. खासकर “Extremely Severe” जैसे शब्दों ने लोगों को ज्यादा डराया. हालांकि, थोड़ी ही देर में स्पष्ट हो गया कि यह सिर्फ एक ट्रायल है.
क्या करें अगर दोबारा ऐसा अलर्ट आए?
अगर भविष्य में आपको इस तरह का कोई अलर्ट मिलता है, तो सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है. मैसेज को ध्यान से पढ़ें और उसमें दिए गए निर्देशों का पालन करें. अगर यह वास्तविक आपदा से जुड़ा अलर्ट होगा, तो उसमें स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे. फिलहाल, इस तरह के टेस्ट मैसेज केवल सिस्टम की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं.

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