15 अगस्त को रांची में कितना बड़ा होगा छात्रों का शक्ति प्रदर्शन? तिरंगा यात्रा से पहले स्टेडियम में जुट रही भीड़
15 अगस्त को रांची में JPSC-JSSC छात्रों की तिरंगा यात्रा प्रस्तावित है. 24 जिलों से छात्रों को बुलाया गया है. जानिए कितने छात्र जुट सकते हैं, यात्रा का रूट क्या होगा और अनशन समेत आंदोलन अब किस मोड़ पर है.


Ranchi: रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन का 15 अगस्त वाला कार्यक्रम अब सिर्फ तिरंगा यात्रा तक सीमित नहीं रह गया है. स्वतंत्रता दिवस के दिन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकलने वाली यात्रा को छात्र आंदोलन के बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि शनिवार को रांची में कितने छात्र जुटेंगे. आयोजकों ने सभी जिलों से छात्रों को पहुंचने की अपील की है, लेकिन तिरंगा यात्रा के लिए अभी कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है. हालांकि, 10 अगस्त के विधानसभा मार्च में एक समय 15 हजार से ज्यादा छात्रों की मौजूदगी दर्ज की गई थी और उससे पहले आयोजकों ने 50 हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना जताई थी. ऐसे में 15 अगस्त की भीड़ को लेकर प्रशासन भी सतर्क है. दूसरी ओर, आंदोलन 21वें दिन में पहुंच चुका है और परीक्षा रद्द करने व CBI जांच की मांग पर गतिरोध कायम है.
कितने छात्र पहुंच सकते हैं रांची?
रिफॉर्म मंच की ओर से झारखंड के सभी जिलों के छात्रों और अलग-अलग छात्र संगठनों से तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अपील की गई है. छात्रों से 14 अगस्त की शाम से ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचने को कहा गया है. यानी आयोजकों की कोशिश सिर्फ रांची के आंदोलनकारी छात्रों तक कार्यक्रम सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे राज्यव्यापी भागीदारी वाला कार्यक्रम बनाने की है. हालांकि, 24 जिलों से कितने छात्र वास्तव में रांची पहुंच चुके हैं या शनिवार सुबह तक पहुंचेंगे, इसका कोई सत्यापित आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है. आयोजकों ने भी यात्रा के लिए निश्चित संख्या नहीं बताई है. इसलिए 10 हजार, 20 हजार या 50 हजार की संख्या को अभी अनुमान से ज्यादा नहीं माना जा सकता. लेकिन एक बात जरूर अहम है. 10 अगस्त के विधानसभा मार्च में लाइव अपडेट के दौरान 15 हजार से ज्यादा छात्रों की मौजूदगी बताई गई थी और उस समय भी दूसरे इलाकों से छात्रों के रांची पहुंचने की बात कही गई थी. इससे संकेत मिलता है कि आंदोलन अब सिर्फ स्टेडियम तक सीमित स्थानीय प्रदर्शन नहीं रहा है.
तिरंगा यात्रा का प्लान क्या है, रूट पर अभी भी पेंच
आयोजकों के मुताबिक यात्रा सुबह करीब 7 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू करने की तैयारी है. प्रस्तावित रूट में कचहरी चौक, न्यूक्लियस मॉल, प्लाजा चौक और फिरायालाल चौक होते हुए वापस स्टेडियम पहुंचने की योजना बताई गई है. लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि यह आयोजकों का प्रस्तावित रूट है, अंतिम प्रशासनिक रूट नहीं. ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन की ओर से अंतिम रूट चार्ट जारी किया जाना है. इसलिए 15 अगस्त की सुबह वास्तविक मार्ग में बदलाव संभव है. छात्र इसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम बता रहे हैं. उनका कहना है कि तिरंगे के जरिए वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाली यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले दिनों विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी.
आंदोलन की मौजूदा ताकत: स्टेडियम से विधानसभा तक पहुंच चुका है असर
14 अगस्त को आंदोलन 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लगातार जुट रहे हैं और देशभक्ति गीतों तथा तिरंगे के साथ अपनी मांगें उठा रहे हैं. छात्रों की मुख्य मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, JSSC CGL सहित संबंधित परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई और CBI जांच शामिल है. 10 अगस्त का विधानसभा मार्च इस आंदोलन का अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन रहा. उस दिन बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़े और पुलिस बैरिकेडिंग के बाद स्थिति तनावपूर्ण हुई. इसके बाद बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई है. यानी 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा को सिर्फ एक सांस्कृतिक या स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम मानना आंदोलन की मौजूदा स्थिति को पूरी तरह नहीं दिखाता. छात्रों के लिए यह अपनी एकजुटता दिखाने का अगला मंच है.
अनशन और सरकार से बातचीत: सबसे बड़ा गतिरोध कहां है?
आंदोलन का दूसरा अहम मोर्चा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन है. महतो की तबीयत आंदोलन के दौरान बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इससे पहले वह आमरण अनशन पर थे. बाद में पानी लेने के बाद भी भूख हड़ताल जारी रखने की बात सामने आई. दूसरी तरफ सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन प्रमुख मांगों पर अंतिम सहमति नहीं बनी. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा. सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार और बातचीत की बात कर रही है, लेकिन JSSC CGL को रद्द करने और CBI जांच जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच दूरी बनी हुई है.
15 अगस्त के बाद आंदोलन का अगला पड़ाव क्या?
अब असली सवाल 15 अगस्त के बाद का है. अगर तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र जुटते हैं, तो आंदोलनकारी इसे सरकार पर दबाव बढ़ाने के संकेत के तौर पर पेश कर सकते हैं. दूसरी तरफ प्रशासन के लिए चुनौती यह होगी कि स्वतंत्रता दिवस के संवेदनशील दिन कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो. 50 हजार की संख्या को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन 10 अगस्त के मार्च में 15 हजार से अधिक छात्रों की मौजूदगी और आयोजकों के बड़े जुटान के दावे यह बताते हैं कि आंदोलन के पास बड़ी भीड़ जुटाने की क्षमता जरूर दिखाई दे चुकी है. इसलिए 15 अगस्त की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ तिरंगा यात्रा का निकलना नहीं होगी. असली कहानी होगी—स्टेडियम से कितनी बड़ी भीड़ निकलती है, कौन-कौन से जिलों से छात्र पहुंचते हैं, प्रशासन अंतिम रूट और सुरक्षा को कैसे संभालता है और यात्रा के बाद सरकार-छात्र बातचीत का रास्ता खुलता है या आंदोलन और तेज होता है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

15 अगस्त पर मोरहाबादी में सीएम, दुमका में राज्यपाल करेंगे झंडोत्तोलन, 29 पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित

साहिबगंज में हरियाली बढ़ाने की पहल, सिविल सर्जन ने किया पौधा वितरण अभियान का शुभारंभ






Leave a comment