JPSC-JSSC आंदोलन के बीच रांची में हाई वोल्टेज ड्रामा, हाई मास्ट टावर पर चढ़ा युवक, 8 घंटे चला रेस्क्यू
“PSC और JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शनिवार देर रात एक अलग ही घटनाक्रम देखने को मिला। स्टेडियम परिसर में लगे हाई मास्ट लाइट टावर पर एक युवक के चढ़ जाने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई”

रांची: JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शनिवार देर रात एक अलग ही घटनाक्रम देखने को मिला। स्टेडियम परिसर में लगे हाई मास्ट लाइट टावर पर एक युवक के चढ़ जाने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की।
रातभर टावर पर बैठा रहा युवक
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान लातेहार निवासी हीरा लाल के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि वह अपनी पत्नी के मायके चले जाने से मानसिक रूप से परेशान था। इसी कारण वह हाई मास्ट टावर पर चढ़ गया और पूरी रात वहीं बैठा रहा। करीब आठ घंटे तक उसने नीचे उतरने से इनकार किया, जिससे पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई।
पत्नी के समझाने पर नीचे उतरा
रविवार सुबह युवक की पत्नी को मौके पर बुलाया गया। पत्नी और पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक उसे समझाने की कोशिश की। आखिरकार बातचीत सफल रही और युवक सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
टावर से रखीं कई मांगें
टावर पर बैठे युवक ने अपनी निजी परेशानी के अलावा कुछ सामाजिक और सरकारी मुद्दे भी उठाए। उसने कहा कि वह अपने गांव में एक स्कूल खुलवाना चाहता है और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने की मांग करता है। इसके साथ ही उसने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की इच्छा जताई और कहा कि वह उनसे "भीख में एक रुपया" मांगना चाहता है।
सोशल मीडिया पर भी दे रहा था चेतावनी
पुलिस का कहना है कि युवक अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए लगातार आत्महत्या जैसी चेतावनी भरे संदेश भी पोस्ट कर रहा था। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थी।
पुलिस ने हिरासत में लिया
युवक के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद कोतवाली थाना पुलिस उसे अपने साथ ले गई। अधिकारियों के मुताबिक सबसे पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उससे पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि उसने ऐसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी.


