‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’, साहिबगंज में झामुमो का प्रदर्शन, फूंका CEC का पुतला
“साहिबगंज में झामुमो कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और स्टेशन चौक पर उनका पुतला दहन किया. जिला अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की.”

Sahebganj: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विरोध-प्रदर्शन किया. सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर से स्टेशन चौक तक आक्रोश मार्च निकाला और नारेबाजी की. स्टेशन चौक पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया. कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो जिला अध्यक्ष अरुण सिंह और जिला सचिव सुरेश टुडू ने किया. इस दौरान पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग के विभिन्न फैसलों पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त को पदमुक्त करने की मांग की. झामुमो नेताओं ने कहा कि पार्टी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज आगे भी उठाती रहेगी.
स्टेशन चौक तक निकाला गया आक्रोश मार्च
झामुमो कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन स्टेशन परिसर से शुरू हुआ. कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर से स्टेशन चौक तक आक्रोश मार्च निकाला. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने ‘ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद’, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’, ‘ज्ञानेश कुमार हाय-हाय’ और ‘मुख्य चुनाव आयुक्त की मनमानी नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए. स्टेशन चौक पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका. झामुमो नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े फैसलों को लेकर उनकी पार्टी को गंभीर आपत्तियां हैं. पार्टी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंताएं सार्वजनिक कीं. निर्वाचन आयोग भारत में चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए संवैधानिक प्राधिकरण है और लोकसभा, राज्यसभा तथा विधानसभा चुनावों का प्रशासन करता है.
अरुण सिंह बोले- ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष अरुण सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर पार्टी अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है. अरुण सिंह ने प्रदर्शन के दौरान ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ का नारा भी लगाया. झामुमो नेताओं ने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किस आधार पर लिए जा रहे हैं. पार्टी नेताओं के मुताबिक, चुनाव आयोग के फैसलों पर राजनीतिक दलों और आम लोगों के बीच चर्चा होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. वहीं, निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार 19 फरवरी 2025 से भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर हैं.
राष्ट्रपति से पदमुक्त करने की मांग
झामुमो नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पदमुक्त करने की मांग की. कार्यक्रम को जिला अध्यक्ष अरुण सिंह के अलावा पूर्व जिला अध्यक्ष प्रो. नजरुल इस्लाम, सांसद प्रतिनिधि संजीव सामू हेंब्रम, जिला सचिव सुरेश टुडू, मोहम्मद मारुफ और जिला परिषद अध्यक्ष सह झामुमो नेत्री मोनिका किस्कू ने संबोधित किया. वक्ताओं ने चुनाव आयोग के विभिन्न फैसलों को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं और कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को उठाती रहेगी. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसलों पर उनकी राजनीतिक और लोकतांत्रिक आपत्ति है. दूसरी ओर, आयोग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर चुनाव प्रबंधन और मतदाता सेवाओं से संबंधित प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराता है.
बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता रहे मौजूद
पुतला दहन कार्यक्रम में झामुमो के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए. इनमें केंद्रीय समिति सदस्य संजय मिश्रा उर्फ बब्लू मिश्रा, राजमहल से विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद मारूफ उर्फ गुड्डू, मुजीबुर रहमान, अखलाकुर रहमान, जंगबहादुर सिंह, बरहेट प्रखंड अध्यक्ष बर्नाड मरांडी, पतना प्रखंड अध्यक्ष गुरु हेंब्रम, सचिव मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद शाहजहां और बोरियो प्रखंड अध्यक्ष स्टीफन मुर्मू समेत कई नेता शामिल थे. इसके अलावा सुबोध सोरेन, आयुब शेख, धर्मवीर कुमार महतो, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष देव सोरेन, मोहम्मद अली अंसारी, एजाज अंसारी, जिला मीडिया सदस्य अरशद अंसारी, मोहम्मद इकबाल अली और मोहम्मद नईम अंसारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया. झामुमो नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और आयोग के फैसलों को लेकर पार्टी आगे भी अपनी आपत्ति और विरोध दर्ज कराती रहेगी.


