झारखंड में स्वास्थ्य विभाग का अफसर बनकर अस्पतालों से "खर्चा पानी" मांग रहा गैंग, अलर्ट जारी
झारखंड में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े निजी अस्पतालों को फर्जी कॉल कर धमकाने और पैसे ऐंठने का गंभीर मामला सामने आया है. अपराधी खुद को स्वास्थ्य विभाग का उच्च अधिकारी बताकर अस्पतालों पर 256 पेज की फर्जी शिकायत का हवाला देते हुए “खर्चा पानी” की मांग कर रहे हैं.


Ranchi: झारखंड में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े निजी अस्पतालों को फर्जी कॉल कर धमकाने और पैसे ऐंठने का गंभीर मामला सामने आया है. अपराधी खुद को स्वास्थ्य विभाग का उच्च अधिकारी बताकर अस्पतालों पर 256 पेज की फर्जी शिकायत का हवाला देते हुए “खर्चा पानी” की मांग कर रहे हैं. मुंधड़ा हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि वरुण मुंधड़ा को 25 मार्च 2026 को ऐसे ही एक फर्जी कॉल आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को पीएमजेएवाई का नोडल ऑफिसर बताया और लाखों रुपये ट्रांसफर करने को कहा. अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत शिकायत की, जिसके बाद झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी कर दिया है.
फर्जी अधिकारी बनकर की गई धमकी
25 मार्च सुबह करीब 10:30 बजे मुंधड़ा हॉस्पिटल को फोन नंबर 9336118197 से कॉल आया. फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को अजय अग्रवाल बताया और दावा किया कि वह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के अधीन काम करता है. उसने कहा कि अस्पताल के खिलाफ 256 पेज की शिकायत मिली है और केंद्रीय जांच टीम अस्पताल पहुंचने वाली है. इसके बाद उसने शिकायत की कॉपी दिलाने और मामले को “मैनेज” करने के नाम पर पैसे की मांग की. अस्पताल प्रबंधन को बात संदिग्ध लगी तो उन्होंने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को ईमेल कर शिकायत कर दी. कंपनी ने मामले को गंभीर मानते हुए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी को लिखित अनुरोध भेजा.
आरोग्य सोसाइटी का अलर्ट, अस्पताल सतर्क रहें
झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने सभी आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों और आम जनता से अपील की है कि ऐसे किसी भी फर्जी कॉल, धमकी या पैसे की मांग में न आएं. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अधिकारी बनकर फोन करे तो तुरंत नामकुम स्थित झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी को तथ्यों के साथ सूचना दें.
सोसाइटी ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी कॉल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं.
क्राइम ब्रांच की जांच शुरू, अन्य अस्पतालों को खतरा
यह मामला आयुष्मान भारत योजना में हो रहे फ्रॉड के बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है. पहले भी कई राज्यों में ऐसे फर्जी कॉल और क्लेम फ्रॉड के मामले सामने आ चुके हैं. झारखंड में यह पहला मामला नहीं है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा तुरंत शिकायत करने से अपराधी पकड़े जाने की संभावना बढ़ गई है. पुलिस और साइबर सेल अब फोन नंबर 9336118197 की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है. आरोग्य सोसाइटी ने सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और किसी भी दबाव में पैसे ट्रांसफर न करने की सलाह दी है. यदि आप या आपके अस्पताल को ऐसा कोई फर्जी कॉल आए तो तुरंत 100 पर डायल करें या सोसाइटी को सूचित करें.

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