गिरिडीह में दिवंगत हवलदार के परिजनों से मिले हिमंता और बाबूलाल, विपक्ष ने लगाया तुष्टिकरण का आरोप
11 अगस्त की रात गैंगरेप के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी मोहम्मद शाहिद अंसारी ने आदिवासी पुलिस हवलदार चौहान हेम्ब्रम की हत्या कर दी और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज से से फरार हो गया था


गिरिडीह :
हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में जेल से इलाज के लिए शिफ्ट किया गया एक अपराधी 11 अगस्त की रात एक हवलदार की हत्या कर फरार हो गया था. शनिवार को असम के मुख्यमंत्री और झारखंड के भाजपा विधानसभा प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने बेंगाबाद में दिवंगत हवलदार चौहान हेंब्रम के परिजनों से मुलाकात की. परिजनों से मुलाकात के बाद हिमंता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक शातिर अपराधी के साथ सिर्फ एक हवलदार को छोड़ देना बड़ी लापरवाही है. मोहम्मद शाहिद अंसारी गैंगरेप का आरोपी है, वो बीमार नहीं था, उसने सिर्फ बीमार होने का नाटक किया था. एक शातिर अपराधी को सिर्फ एक कांस्टेबल के भरोसे छोड़ दिया गया. एक आदिवासी हवलदार की जान के साथ खिलवाड़ किया गया.
हम कर रहे या सरकार कर रही तुष्टिकरण : हिमंता
हिमंता ने कहा एक हफ्ते से ज्यादा का समय हो गया, लेकिन हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं की गई. जेएमएम-कांग्रेस के एक नेता उनके परिवार से मिलने नहीं आया, हम आए तो हमपर तुष्टिकरण का आरोप लगाया जा रहा है. आदिवासी युवा की निर्दयता से हत्या होती है, लेकिन हत्यारे को पकड़ा नहीं जाता है, तो इसमें तुष्टिकरण कौन कर रहा है, ये आप खुद समझिये. इनके परिवार से मिलने के लिए सरकार का कोई आदमी नहीं आया. हम आये और बाबूलाल मरांडी आए तो क्या ये तुष्टिकरण हुआ.
हेमंत सरकार, धिक्कार है !
हिमंता ने कहा मुस्लिम समाज व तुष्टिकरण की राजनीति के लिए हेमंत सरकार कायदे कानून को ताक में रखने के लिए तैयार है. गैंगरेप के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी मोहम्मद शाहिद अंसारी ने आदिवासी पुलिस हवलदार चौहान हेम्ब्रम की हत्या कर दी और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज से फरार हो गया, क्योंकि दोषी मुस्लिम समाज से है तो झारखंड सरकार का कोई भी प्रतिनिधि हेम्ब्रम के पीड़ित परिवार से कोई मिलने नहीं गया है.
आदिवासी-मूलवासियों पर अत्याचार के लिए झारखंड सरकार जिम्मेवार
उन्होंने कहा मेरे और बाबूलाल मरांडी के पीड़ित परिवार से मिलने जाने की खबर मिलने पर सुबह 4:30 बजे के करीब पुलिस ने दिवंगत हवलदार की पत्नी और बच्चों को उनके घर से उठा लिया. कुछ ही मिनटों बाद उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को भी उठा लिया और घर को बंद कर दिया. कहा की ध्यान रहे झारखंड में अगर मुस्लिम समाज आदिवासियों या मूल वासियों के साथ कोई कुकृत्य करता है तो इसकी जिम्मेदारी झारखंड सरकार की नहीं होगी .

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