जनसाधारण एक्सप्रेस के AC कोच में पूर्व मंत्री का पर्स चोरी, तीन राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड में
“जनसाधारण एक्सप्रेस के एसी-2 कोच में केरल की पूर्व राज्यमंत्री का पर्स चोरी होने से रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं. आईफोन, आभूषण और जरूरी दस्तावेजों से भरे पर्स की तलाश में बिहार, झारखंड और बंगाल की पुलिस जुटी हुई है.”

Muzaffarpur/Samastipur: ट्रेनों में यात्रा अब कितनी सुरक्षित है, इस पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जनसाधारण एक्सप्रेस के एसी-2 कोच में हुई चोरी की एक सनसनीखेज वारदात ने रेलवे सुरक्षा के तमाम दावों की पोल खोल दी है. केरल की पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व लोकसभा सांसद पीके श्रीमथी का पर्स ट्रेन यात्रा के दौरान चोरी हो गया, जिसके बाद तीन राज्यों की पुलिस एक्शन में आ गई है. घटना बुधवार सुबह की बताई जा रही है, जब पीके श्रीमथी कोलकाता से मुजफ्फरपुर आने वाली 13157 जनसाधारण एक्सप्रेस के एसी-2 कोच में सफर कर रही थीं. वह बिहार के दलसिंहसराय में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा पर थीं. इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनका पर्स चुरा लिया. पर्स में आईफोन, आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे.
झाझा-किउल सेक्शन में चोरी की आशंका
पीड़िता ने घटना की जानकारी मिलने के बाद समस्तीपुर जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. प्रारंभिक जांच में रेल पुलिस को आशंका है कि यह चोरी झाझा और किउल के बीच हुई है. घटना की गंभीरता को देखते हुए बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. बंगाल पुलिस की एसआईटी भी जांच में शामिल है.
लोकेशन ट्रेस करने में ऐसी मिली मदद
चोरी के बाद कई घंटों तक आईफोन चालू रहने से पुलिस को बदमाशों की लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली. पहले मोबाइल सिग्नल झाझा स्टेशन के पास चकाई गांव की ओर मिला, जिसके बाद दोपहर में लोकेशन देवघर की तरफ शिफ्ट हो गई. इससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि चोर अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं.
जल्द चोर को पकड़ने का दावा
मामले की निगरानी मुजफ्फरपुर रेल एसएसपी, जमालपुर रेल एसपी, पटना रेल एसपी के साथ-साथ केरल की रेल पुलिस भी कर रही है. रेलवे पुलिस के खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है. रेल एसपी वीणा कुमारी ने दावा किया है कि चोरी गया पर्स जल्द बरामद कर लिया जाएगा. वहीं इस घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन पर फिर से सवाल उठने लगे हैं. एसी कोच जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली व्यवस्था में भी यदि पूर्व मंत्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता स्वाभाविक है.




