Chakradhapur:
हर माता-पिता अपने बच्चों की परवरिश हैसियत से बढ़कर करते हैं. बच्चे को मामूली सर्दी-जुकाम भी होता है तो वे परेशान हो जाते हैं. डॉक्टर-अस्पताल के चक्कर लगाते हैं, लेकिन वही बच्चे जब बड़े होकर इस एहसान को भूल जाते है तो सोचिए उन बुजुर्ग माता-पिता पर क्या गुजरती होगी. ऐसे ही एक कलयुगी बेटे और बहू की करतूत ने मानवता को शर्मसार कर दिया है. मामला पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर का है, जहां झुमका मुहल्ला के सज्जन गली के रहने वाले बुजुर्ग पिता के साथ उनके बेटे-बहू ने मारपीट की. इतना ही नहीं उन लोगों ने कैंसर पीड़ित मां को भी नहीं बख्शा. दोनों को धक्के मार कर घर से निकाल दिया.
बेटा-बहू पर प्रताड़ित करने का आरोप
बेटे-बहू से प्रताड़ित बुजुर्ग दंपति चौक में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गये. 65 वर्षीय अर्जुन प्रताप साव और उनकी 55 वर्षीया पत्नी शकुंतला देवी ने बेटे आलोक साव और बहू सुषमा पर मारपीट करने और घर से बेदखल करने का आरोप लगाया. शकुंतला देवी अपने हाथ में जो तख्ती लेकर बैठी थी उसमें लिखा था, “मुझे कैंसर है”. वहीं चोट की वजह से सिर पर पट्टी बांधकर धरने पर बैठे अर्जुन साव के हाथ में जो तख्ती थी उसमें लिखा था, “पुत्र आलोक साव और बहू सुषमा देवी ने मुझे और मेरी पत्नी के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया है. मैं अभी किराया के मकान में रह रहा हूं. 29 अगस्त को उनलोगों ने किराये के मकान में आकर फिर से मारपीट किया. आलोक साव के खिलाफ यह धरना है.
2021 से कैंसर पीड़ित हैं शंकुतला देवी
अर्जुन साव ने बताया कि उनके दो बेटे हैं. कोर्ट ने दोनों बेटों को आदेश दिया था कि वे माता-पिता को प्रति माह 5000 सहायता राशि दें. छोटा बेटा आशीष इस आदेश का पालन कर रहा है, लेकिन आलोक ने न तो अब तक कोई मदद की, और न ही माता-पिता को घर में वापस आने दिया. उल्टा केस दर्ज कराने के बाद आलोक ने अपने ही पिता को डंडों से बेरहमी से पीट डाला. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी शकुंतला देवी 2021 से कैंसर से पीड़ित हैं, और उनके इलाज के लिए उन्हें समय-समय पर मुंबई जाना पड़ता है. शुरुआत में बेटों ने सहयोग किया था, लेकिन अब सभी ने मुंह मोड़ लिया है.
29 अगस्त को मारपीट कर सिर फोड़ा
अर्जुन साव आरोप है कि आलोक ने करीब 8 महीने पहले उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर घर से निकाल दिया, जिसके बाद वे अपनी पत्नी के साथ किराये के मकान में रहने लगे, लेकिन वह वहां भी मारपीट करने पहुंच जाता है. 29 अगस्त को भी उसने मारपीट की और उनका सिर फोड़ दिया. उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से भी की, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई. दंपति का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और अपने घर में वापस बसाया नहीं जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा.





