तीन साल में 241 करोड़ की कमाई, जन सुराज को दिए 98 करोड़: प्रशांत किशोर ने खोले कमाई और चंदे के राज
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने अपनी कमाई और पार्टी को दी गई फंडिंग को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक की है. भाजपा सांसद संजय जायसवाल द्वारा उनकी आय और पार्टी के पैसों के स्रोत पर उठाए गए सवालों के जवाब में प्रशांत किशोर ने न सिर्फ आंकड़े दिए बल्कि आरोप लगाने वालों पर तंज भी कसा. 3 सा...


जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने अपनी कमाई और पार्टी को दी गई फंडिंग को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक की है. भाजपा सांसद संजय जायसवाल द्वारा उनकी आय और पार्टी के पैसों के स्रोत पर उठाए गए सवालों के जवाब में प्रशांत किशोर ने न सिर्फ आंकड़े दिए बल्कि आरोप लगाने वालों पर तंज भी कसा.
3 साल में 241 करोड़ की कमाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों (2021-22 से) में राजनीतिक रणनीति और परामर्श सेवाएं देकर कुल 241 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है. ये फीस उन्हें उन व्यक्तियों और कंपनियों से मिली, जिन्हें उन्होंने राजनीतिक सलाह दी.
टैक्स और चंदा: पूरा लेखा-जोखा
प्रशांत किशोर ने अपनी कमाई पर पूरी पारदर्शिता के साथ बताया कि:
31 करोड़ रुपये GST के रूप में जमा किए
20 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के रूप में चुकाए
98.75 करोड़ रुपये उन्होंने अपने पर्सनल अकाउंट से जन सुराज पार्टी को दान किए
"हमें पैसा सरस्वती से मिलता है"
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी माफिया, अवैध स्रोत या बाहरी दबाव से पैसा नहीं लेती. उन्होंने कहा: "हमें पैसा सरस्वती से मिलता है. जिनकी मदद की, उनसे फीस ली. किसी भ्रष्ट या आपराधिक व्यक्ति से पैसा नहीं लिया." उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जन सुराज को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना उनका लक्ष्य है, ताकि पार्टी किसी भी तरह के गलत प्रभाव से मुक्त रहे.
"बिहार के भ्रष्ट नेताओं को हर जगह चोरी दिखती है"
प्रशांत किशोर ने बिहार के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा: "जैसे सावन के अंधे को हर जगह हरियाली दिखती है, वैसे ही बिहार के भ्रष्ट नेताओं को हर कहीं चोरी नजर आती है." उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी की फंडिंग पूरी तरह वैध और पारदर्शी है, और इसका एक-एक पैसा दस्तावेजों में दर्ज है. इस खुलासे के बाद प्रशांत किशोर ने ना सिर्फ अपने ऊपर उठे सवालों का जवाब दिया, बल्कि राजनीतिक पारदर्शिता का उदाहरण भी पेश किया.

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