Dhanteras 2026 Kuber Ji Ki Aarti: धनतेरस पर मां लक्ष्मी के साथ करें कुबेर देव की पूजा, जानें मंत्र, आरती और पूजन विधि
धनतेरस 2026 पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन कुबेर देव के मंत्रों का जाप और आरती करने की परंपरा है. यहां जानें पूजा विधि, कुबेर जी के मंत्र और आरती के पूरे बोल.

Dhanteras 2026 Kuber Ji Ki Aarti:- दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है. हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है. इस दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुबेर देव को धन और संपत्ति का देवता माना जाता है. ऐसे में धनतेरस के शुभ अवसर पर उनकी आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहने की कामना की जाती है. आइए जानते हैं धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा का महत्व, मंत्र, आरती और पूजन विधि.
धनतेरस पर क्यों की जाती है कुबेर देव की पूजा?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं और उन्हें धन-संपदा का अधिपति माना जाता है. मां लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी कहा जाता है, जबकि कुबेर देव धन के संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े माने जाते हैं. इसी वजह से धनतेरस और दीपावली के अवसर पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा की जाती है. भक्त इस दिन उनकी आराधना कर परिवार की आर्थिक उन्नति, सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं.
धनतेरस 2026 पर कैसे करें कुबेर देव की पूजा?
धनतेरस के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान कुबेर तथा माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.
- पूजा स्थल पर दीपक और धूप जलाएं.
- भगवान कुबेर को पुष्प, अक्षत और फल अर्पित करें.
- माता लक्ष्मी को भी श्रद्धापूर्वक पूजन सामग्री चढ़ाएं.
- भगवान कुबेर के मंत्रों का जाप करें.
- अंत में कुबेर जी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें.
धन और समृद्धि के लिए करें कुबेर देव के इन मंत्रों का जाप
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर भगवान कुबेर के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान इन मंत्रों का श्रद्धापूर्वक उच्चारण कर सकते हैं.
1. कुबेर धन प्राप्ति मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
2. कुबेर देव का मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
इन मंत्रों का जाप करते समय मन को शांत रखें और भगवान कुबेर का ध्यान करें.
धनतेरस की पूजा के अंत में भगवान कुबेर की आरती करने की परंपरा है. यहां पढ़ें कुबेर जी की आरती के प्रचलित बोल:
श्री कुबेर जी की आरती
ॐ जय यक्ष कुबेर हरे,
स्वामी जय यक्ष जय यक्ष कुबेर हरे.
शरण पड़े भक्तों के,
भंडार कुबेर भरे॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
स्वामी भक्त कुबेर बड़े.
दैत्य दानव मानव से,
कई-कई युद्ध लड़े॥
ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...
स्वर्ण सिंहासन बैठे,
सिर पर छत्र विराजे.
यक्षों के अधिपति प्रभु,
भक्तों के कष्ट निवारे॥
ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...
कुबेर पूजा के समय इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. भगवान कुबेर की आराधना करते समय मन में किसी के प्रति द्वेष या बुरी भावना न रखें. साथ ही धन का सदुपयोग करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का संकल्प भी लें. धार्मिक मान्यता: भगवान कुबेर की पूजा आस्था और परंपरा से जुड़ी है. इससे धन की कमी दूर होने की गारंटी नहीं है, लेकिन भक्त इस अवसर पर सुख, शांति और आर्थिक खुशहाली की कामना करते हैं.

