ढाई लाख तक के बिजली बिल से उपभोक्ता परेशान, बीजेपी ने की बढ़ी दरें वापस लेने की मांग
“झारखंड में बढ़ी बिजली दरों और उपभोक्ताओं को आ रहे भारी-भरकम बिलों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. कई उपभोक्ताओं को दो से ढाई लाख रुपये तक के बिल मिलने की शिकायतों के बीच बिजली दरें वापस लेने और राहत देने की मांग तेज हो गई है.”

Ranchi: झारखंड में बढ़े बिजली दर और उपभोक्ताओं को आ रहे भारी-भरकम बिलों को लेकर सियासी बहस तेज होती दिख रही है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद Aditya Sahu ने राज्य सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता पहले से महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों के दबाव में है, ऐसे समय में बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. साहू ने यह भी दावा किया कि कई उपभोक्ताओं को एक साथ दो से ढाई लाख रुपये तक के बिल भेजे गए हैं, जिससे लोग विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं. उन्होंने बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटर और ट्रांसफार्मर बदलने में देरी जैसे मुद्दों को भी उठाया.
उपभोक्ताओं को आया ढाई लाख तक का बिल
आदित्य साहू ने कहा कि कई उपभोक्ताओं से शिकायत मिली है कि उन्हें अचानक बहुत अधिक राशि के बिजली बिल भेजे गए हैं. उनके मुताबिक कुछ मामलों में बिल की राशि दो लाख से ढाई लाख रुपये तक पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी लोगों में असंतोष है. आरोप है कि कई उपभोक्ताओं को एक साल तक का बकाया एक साथ भेजा जा रहा है और भुगतान में देरी होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है. इस कारण आम लोग कार्यालयों के लगातार चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर की स्थिति पर सवाल
बीजेपी नेता ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि राजधानी में ही अगर बिजली व्यवस्था संतोषजनक नहीं है, तो ग्रामीण और छोटे कस्बों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. उनके अनुसार कई जगह ट्रांसफार्मर लंबे समय तक खराब पड़े रहते हैं और समय पर नहीं बदले जाते. इससे किसानों, छोटे कारोबारियों और घरेलू उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि बिजली अब रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा है, इसलिए इसकी अनियमितता सीधे आम जीवन को प्रभावित कर रही है.
बढ़ी दरें वापस लेने की मांग, आंदोलन के संकेत
साहू ने राज्य सरकार से बढ़ी बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है. उनका कहना है कि जनता को राहत देने के लिए सरकार को व्यावहारिक कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से उठा रही है और विभागीय अधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत की गई है. साथ ही संकेत दिया कि यदि दरों में राहत नहीं दी गई, तो इस मुद्दे को लेकर आगे व्यापक जनस्तर पर अभियान चलाया जा सकता है.

