कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को लगाई फटकार, कहा- ‘बहुत हो चुका’
तमिलनाडु में DMK और कांग्रेस के 55 साल पुराने गठबंधन के टूटने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर सहयोगी दलों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “INDI अब इतिहास बन चुका है.”

Kunwar Vijay Shah द्वारा कर्नल Sofia Qureshi को लेकर की गई विवादित टिप्पणी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. इस मामले में सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने मंत्री पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई.
भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant और जस्टिस Joymalya Bagchi की बेंच ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा मुकदमा चलाने की अनुमति मांगे जाने के बाद राज्य सरकार को दो सप्ताह पहले ही फैसला ले लेना चाहिए था.
‘अब बस, बहुत हो चुका’
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “अब बस, बहुत हो चुका। हमारे आदेश का पालन कीजिए.”
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है. जांच के बाद टीम ने कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी राज्य सरकार से मांगी थी, लेकिन अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया.
‘सबसे पहले माफी मांगनी चाहिए थी’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे पहले मंत्री विजय शाह की ओर से माफी आनी चाहिए थी. अदालत ने टिप्पणी की कि माफी तब आई जब कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया.
बेंच ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है.
SG तुषार मेहता ने दिया मंत्री का पक्ष
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने कहा कि मंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन संभवतः उनका आशय महिला अधिकारी की तारीफ करना था और वे अपनी बात सही तरीके से रख नहीं पाए.
हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत इस दलील से सहमत नजर नहीं आए. उन्होंने कहा कि एक अनुभवी राजनेता होने के नाते विजय शाह को यह पता होना चाहिए कि किसी महिला अधिकारी की प्रशंसा किस तरह की जाती है.
‘ऐसी टिप्पणियां करने की आदत’
जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक विजय शाह को इस तरह की टिप्पणियां करने की आदत रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने अंत में कहा कि राज्य सरकार को सभी परिस्थितियों पर विचार करते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए।

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