बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है. सीट बंटवारे को लेकर एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है. जहां एनडीए में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने 35 सीटों की मांग कर दी है, वहीं इंडिया गठबंधन में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने डिप्टी सीएम पद की दावेदारी पेश कर सियासी equation को और पेचीदा बना दिया है.
चिराग पासवान की चार प्रमुख मांगें:
2024 लोकसभा चुनाव में जीती गई 5 सीटों के आधार पर सम्मानजनक हिस्सेदारी.
2020 विधानसभा में मिले वोट प्रतिशत को सीट बंटवारे का आधार बनाने की मांग.
LJP(R) की जीती हर लोकसभा सीट के तहत कम से कम दो विधानसभा सीटें देने की मांग.
गोविंदगंज समेत कुछ प्रमुख सीटों पर पार्टी नेताओं को मौका देने की शर्त.
इन मांगों के चलते एनडीए में सहमति बनाना मुश्किल होता दिख रहा है. चिराग ने वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया और जमुई जैसे प्रभाव वाले जिलों में 2-2 विधानसभा सीटों पर दावा ठोंक दिया है. खास बात यह है कि इनमें से कुछ सीटों पर फिलहाल भाजपा के विधायक हैं, जैसे गोविंदगंज, जिससे बीजेपी के लिए समझौता करना आसान नहीं होगा. NDA की आज दिल्ली में अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सीटों की अंतिम सूची पर फैसला लिया जाना है. चिराग की सख्त शर्तों ने इस बैठक को और अहम बना दिया है.
इंडिया गठबंधन में भी मुकेश सहनी का दबाव बढ़ता जा रहा है
सहनी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी VIP 60 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और डिप्टी मुख्यमंत्री पद के लिए वह खुद एकमात्र दावेदार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है, और आज दिल्ली में होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में सीटों की औपचारिक घोषणा हो सकती है.
क्या तय होगा आज?
आज दोनों गठबंधनों की दिल्ली में अहम बैठकें होने जा रही हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीटों का बंटवारा किस दिशा में जाता है, और चिराग-सहनी जैसे घटक दलों की मांगों को गठबंधन कितना स्वीकार करता है. साथ ही, सीएम और डिप्टी सीएम पद की दावेदारी को लेकर भी तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है. बिहार की सियासत में सीटों से ज्यादा अब "पद" की लड़ाई गहराती दिख रही है.





