मोबाइल में रहता था व्यस्त, अब आतंकी साजिश में नाम! साहिबगंज से दिल्ली तक जांच की डोर
जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान 10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

रिपोर्ट : अमान
Sahibganj: देश में कथित आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा होने के बाद झारखंड के साहिबगंज जिले का नाम भी जांच के दायरे में आने से इलाके में सनसनी फैल गई है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बीच जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के सकरोगढ़ गैस गोदाम मोहल्ला निवासी नीतीश पासवान का नाम सामने आने के बाद स्थानीय लोग हैरान हैं. युवक को दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच पहले ही हिरासत में लेकर दिल्ली ले जा चुकी है. अब जांच एजेंसियों द्वारा देशव्यापी आतंकी नेटवर्क और साजिश का दावा किए जाने के बाद उसके मोहल्ले में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि अब तक जांच एजेंसियों की ओर से नीतीश पासवान की भूमिका को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
24 मई को दिल्ली पुलिस ने साहिबगंज से लिया था हिरासत में
जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच में दर्ज कांड संख्या 126/26 की जांच के सिलसिले में पुलिस टीम 24 मई को साहिबगंज पहुंची थी. जिरवाबाड़ी थाना पुलिस के सहयोग से टीम ने सकरोगढ़ स्थित उसके पैतृक आवास से नीतीश पासवान को हिरासत में लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद दिल्ली पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे अपने साथ दिल्ली लेकर चली गई. स्थानीय स्तर पर उस समय गिरफ्तारी को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई थी, लेकिन अब मामले में आतंकी साजिश की जांच जुड़ने के बाद इसकी चर्चा तेज हो गई है.
NIA और दिल्ली पुलिस के खुलासे के बाद बढ़ी चर्चा
हाल ही में NIA और दिल्ली पुलिस की जांच एजेंसियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े आतंकी हमलों की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया. एजेंसियों के मुताबिक मामले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और अलग-अलग राज्यों में जांच जारी है. इसी जांच के क्रम में साहिबगंज से गिरफ्तार नीतीश पासवान का नाम भी सामने आया है. हालांकि एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित साजिश में उसकी भूमिका क्या थी और उसके खिलाफ कौन-कौन से साक्ष्य मिले हैं. ऐसे में जांच पूरी होने तक कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं.
मोहल्ले के लोग बोले- शांत स्वभाव का था युवक
गिरफ्तारी और जांच एजेंसियों के खुलासे के बाद नीतीश पासवान के मोहल्ले में हैरानी का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी उसे किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं देखा. सकरोगढ़ गैस गोदाम मोहल्ला निवासी छट्ठू पासवान ने बताया कि वे नीतीश को बचपन से जानते हैं. उनके अनुसार वह सामान्य तौर पर अपने में रहने वाला युवक था और अधिकांश समय मोबाइल फोन पर व्यस्त रहता था. उन्होंने कहा कि संभव है सोशल मीडिया या इंटरनेट के माध्यम से वह किसी गलत संपर्क में आ गया हो, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और यह स्पष्ट हो कि युवक की वास्तविक भूमिका क्या थी.
थाना प्रभारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह ने बताया कि 24 मई को दिल्ली पुलिस की टीम साहिबगंज पहुंची थी. स्थानीय पुलिस के सहयोग से नीतीश पासवान को उसके पैतृक आवास से हिरासत में लिया गया था. उन्होंने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया. फिलहाल मामले की जांच दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी.

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