बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पिछले 48 घंटों के भीतर पार्टी के चार विधायकों ने इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. इस्तीफा देने वालों में रजौली के विधायक प्रकाश वीर, नवादा की विधायक विभा देवी, भभुआ के भरत बिंद और मोहनियां की संगीता कुमारी शामिल हैं. इन सभी ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को सौंपा, जिसे स्वीकृति भी मिल चुकी है.
असंतोष और टिकट कटने की आशंका बनी वजह
आरजेडी के अंदर टिकट वितरण को लेकर पहले से ही असंतोष की खबरें आ रही थीं. सूत्रों का कहना है कि प्रकाश वीर और विभा देवी को इस बार टिकट मिलने की संभावना नहीं थी. रजौली में तेजस्वी यादव की रैली के दौरान “प्रकाश वीर को हटाओ” जैसे नारे लगने के वीडियो भी सामने आए थे. वहीं विभा देवी, पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी हैं और नवादा में उनका परिवार लंबे समय से प्रभावशाली रहा है. उनके भाजपा में जाने से यादव वोटों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
कैमूर जिले से भी दो विधायक BJP में
भभुआ से विधायक भरत बिंद और मोहनियां से विधायक संगीता कुमारी ने भी आरजेडी छोड़ दी है. भरत बिंद ने कहा कि "भाजपा से टिकट लेने के लिए तकनीकी तौर पर इस्तीफा देना जरूरी था." वहीं संगीता कुमारी ने कहा कि वे क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं.
भाजपा को रणनीतिक बढ़त, RJD को बड़ा नुकसान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन इस्तीफों से आरजेडी को खासकर मगध और दक्षिण बिहार के क्षेत्रों में बड़ा नुकसान हो सकता है, जहां यादव और पिछड़ा वर्ग पार्टी का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है. उधर भाजपा ने एक बार फिर अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट कर दी है- विपक्ष के असंतुष्ट चेहरों को अपने खेमे में लाकर न केवल संगठन को मज़बूत करना, बल्कि विपक्ष को भी कमजोर करना. इन घटनाक्रमों से साफ है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो चुकी है और आगे भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.





