बिहार कैबिनेट के 44 एजेंडों पर मुहर, एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी सरकार का उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जोर, किशनगंज और गोपालगंज में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को मंजूरी, बिजली योजनाओं के लिए 11,096 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति.

Patna: बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास योजनाओं को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 44 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. बैठक में औद्योगिक निवेश, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), बिजली व्यवस्था, आर्थिक अपराध इकाई में मानव संसाधन और सोनपुर के विकास से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार का फोकस नए उद्योग स्थापित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर है. कैबिनेट ने बिहार MSME नीति 2026 को स्वीकृति दी है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके अलावा किशनगंज और गोपालगंज में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा बिजली विभाग की योजनाओं के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी गई है.
बिहार MSME नीति 2026 को मंजूरी, एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
बिहार कैबिनेट ने राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार MSME नीति 2026 को मंजूरी दी है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है. नीति के तहत राज्य के साख-जमा अनुपात (क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो) को 75 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है. इसके अलावा बिहार के सभी 38 जिलों में MSME केंद्र स्थापित करने और प्रत्येक जिले में कम से कम एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है. इन पहलों से छोटे कारोबारियों, स्थानीय उद्यमियों और नए व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है. कैबिनेट ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी है. इस व्यवस्था का उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्यमों से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए निर्धारित प्रक्रिया को मजबूत करना है.
किशनगंज में 88.62 करोड़ के निवेश से स्थापित होगी इमेज स्टार्च इकाई
कैबिनेट बैठक में किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में इमेज स्टार्च उत्पादन इकाई की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके लिए 88 करोड़ 62 लाख रुपये के पूंजी निवेश को स्वीकृति मिली है. प्रस्तावित इकाई की स्थापना से 217 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कामगारों को रोजगार मिलने की संभावना है. इस परियोजना को राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है. हालांकि, परियोजना से जुड़ी निर्माण अवधि और उत्पादन शुरू होने की समयसीमा की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है.
गोपालगंज के बैकुंठपुर में एथेनॉल उत्पादन इकाई को मंजूरी
बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर में ग्रीन बेस्ट एथेनॉल उत्पादन इकाई की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है. इस परियोजना के लिए 97 करोड़ 80 लाख 18 हजार रुपये की राशि मंजूर की गई है. इकाई स्थापित होने से लगभग 210 कामगारों को नियोजित किए जाने की संभावना है. किशनगंज और गोपालगंज की इन दोनों परियोजनाओं को मिलाकर 186 करोड़ 42 लाख 18 हजार रुपये के निवेश को मंजूरी मिली है. प्रस्तावित इकाइयों से कुल 427 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है. इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है.
बिजली विभाग की योजनाओं के लिए 11,096 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी
कैबिनेट ने बिजली विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 11,096 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. यह राशि राज्य में बिजली से संबंधित योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए निर्धारित की गई है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस राशि के अंतर्गत आने वाली अलग-अलग योजनाओं, उनके कार्यक्षेत्र और क्रियान्वयन की समयसीमा का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है. बिजली व्यवस्था किसी भी राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार होती है. ऐसे में बिजली विभाग की योजनाओं के लिए बड़ी राशि की मंजूरी को बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम फैसला माना जा रहा है.
आर्थिक अपराध इकाई में 143 पदों के सृजन को मंजूरी
आर्थिक अपराध इकाई के बढ़ते कार्यभार को देखते हुए बिहार कैबिनेट ने 143 पदों के सृजन को मंजूरी दी है. इस निर्णय का उद्देश्य इकाई की कार्यक्षमता बढ़ाने और बढ़ते कामकाज के अनुरूप मानव संसाधन उपलब्ध कराना है. हालांकि, स्वीकृत पदों के प्रकार, भर्ती प्रक्रिया और नियुक्तियों की समयसीमा से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है.
सोनपुर आयोजन क्षेत्र के विस्तार को हरी झंडी
कैबिनेट की बैठक में सोनपुर आयोजन क्षेत्र के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, फिल्म सिटी, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. इसके साथ ही ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगे प्रतिबंध को हटाने की स्वीकृति भी दी गई है. इस फैसले से संबंधित क्षेत्र में भूमि लेनदेन को लेकर नई संभावनाएं बन सकती हैं. हालांकि, प्रतिबंध हटाने से जुड़े विस्तृत नियम और प्रभावी होने की तारीख की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है. कुल मिलाकर, बिहार कैबिनेट की बैठक में लिए गए 44 फैसलों में उद्योग, उद्यमिता, रोजगार, बिजली व्यवस्था, प्रशासनिक क्षमता और शहरी विकास को प्राथमिकता दी गई है. अब इन निर्णयों का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन, परियोजनाओं की प्रगति और तय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर निर्भर करेगा.


