पुलिस की चेतावनी: बच्चा चोर की अफवाहों से सावधान रहें, कानून हाथ में लिया तो होगी सख्त कार्रवाई
शहरों और गांवों में इन दिनों बच्चा चोर की अफवाहों ने लोगों के बीच डर और भ्रम का माहौल बना दिया है. सोशल मीडिया पर फैल रहे अप्रमाणित वीडियो और संदेशों की वजह से लोग दहशत में हैं.

Dhanbad: शहरों और गांवों में इन दिनों बच्चा चोर की अफवाहों ने लोगों के बीच डर और भ्रम का माहौल बना दिया है. सोशल मीडिया पर फैल रहे अप्रमाणित वीडियो और संदेशों की वजह से लोग दहशत में हैं. कई जगहों पर केवल शक के आधार पर निर्दोष राहगीरों, मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों और बाहरी मजदूरों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं. जांच में अधिकांश मामलों में पीड़ित पूरी तरह बेगुनाह पाए गए हैं, फिर भी अफवाहों के कारण भीड़ का गुस्सा खतरनाक रूप ले रहा है.
सोशल मीडिया से फैल रहीं झूठी खबरें
व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन अफवाहों को फैलाने का बड़ा जरिया बन गए हैं. कई बार दूसरे राज्यों या पुराने मामलों के वीडियो को स्थानीय घटना बताकर वायरल कर दिया जाता है. बिना सच्चाई जांचे इन्हें आगे बढ़ाने से लोगों में आक्रोश पैदा होता है और भीड़ हिंसक हो जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार, भीड़ मानसिकता के चलते सामान्य व्यक्ति भी उकसावे में आकर गलत कदम उठा सकता है.

कई लोग हो चुके हैं शिकार
अफवाहों के चलते अब तक कई निर्दोष लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. कई मामलों में भीड़ ने न तो सच्चाई जानने की कोशिश की और न ही पुलिस को सूचना दी. इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था के साथ-साथ समाज की एकता के लिए भी खतरा हैं.
पुलिस की सख्त हिदायत
धनबाद पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के साथ मारपीट करना अपराध है. यदि किसी पर संदेह हो तो तुरंत नजदीकी थाना या डायल 112 पर सूचना दें. अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट शेयर करने या भीड़ बनाकर हिंसा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में मारपीट, गंभीर चोट, हत्या के प्रयास और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज हो सकता है.
अभिभावकों के लिए सलाह
पुलिस ने माता-पिता से भी सतर्क रहने की अपील की है. बच्चों को सुनसान जगहों पर अकेले न भेजें, उनकी गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें अजनबियों से सावधान रहने की सीख दें. किसी भी संदिग्ध स्थिति में अफवाह फैलाने के बजाय पुलिस को सूचना दें.
जागरूकता ही बचाव है
पुलिस का कहना है कि अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय संयम रखें और कानून पर भरोसा करें. किसी भी फोटो, वीडियो या संदेश को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य करें. समझदारी और सतर्कता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है.

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