Stainless Steel Container: अब कंटेनर में ढोया जाएगा नमक, पहला ट्रायल सफल, रेल मंत्री ने दी जानकारी
देश में नमक परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी पहल की गई है. स्टेनलेस स्टील से बने विशेष कंटेनर का पहला सफल परीक्षण पूरा हो गया है. इस उपलब्धि की जानकारी खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी.

देश में नमक परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी पहल की गई है. स्टेनलेस स्टील से बने विशेष कंटेनर का पहला सफल परीक्षण पूरा हो गया है. इस उपलब्धि की जानकारी खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. यह कंटेनर हरियाणा के रेवाड़ी स्थित कंपनी कल्याणी कास्ट टेक लिमिटेड (Kalyani Cast-Tech Ltd) ने विकसित किया है. पायलट प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल की गई SS 304 ग्रेड शीट जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड ने नि:शुल्क उपलब्ध कराई.
अहमदाबाद डिवीजन में हुआ सफल परीक्षण
इस कंटेनर का ट्रायल अहमदाबाद डिवीजन के भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में किया गया. परीक्षण के दौरान रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्य मौजूद रहे, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े. रेल मंत्रालय के अनुसार, यह पहल तकनीकी नवाचार के साथ सुरक्षित, तेज़ और आधुनिक माल परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है. कंटेनर आधारित यह व्यवस्था पारंपरिक खुले वैगनों की तुलना में अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल मानी जा रही है.
लोडिंग में लगते हैं 15 मिनट से भी कम
नमक ढुलाई के लिए तैयार किए गए इस कंटेनर को खास डिजाइन दिया गया है.
- छत पर साइलो सिस्टम या पोकलेन लोडर से लोडिंग की सुविधा
- ऊपर 7×4 फीट के दो बड़े ओपनिंग
- प्रति कंटेनर 15 मिनट से कम समय में लोडिंग
- 28 पोकलेन बकेट्स से नमक भरा गया
तेज़ लोडिंग से समय की बचत होती है और परिचालन क्षमता बढ़ती है.
अनलोडिंग भी सिर्फ 4–5 मिनट में
कंटेनर की अनलोडिंग प्रक्रिया भी बेहद आसान है.
- हाइड्रॉलिक टिपर ट्रक की मदद से कंटेनर को 45 डिग्री तक झुकाया जाता है
- साइड डोर से नमक स्वतः बाहर निकल जाता है
- 4–5 मिनट में पूरा नमक खाली
खास बात यह है कि कंटेनर खाली होने के बाद उसमें कोई अवशेष नहीं बचता, जिससे अतिरिक्त सफाई की जरूरत नहीं पड़ती.
कितना वजन उठाता है यह कंटेनर?
- खाली वजन: लगभग 3 टन
- एक बार में क्षमता: 33.5 टन नमक
- ट्रायल में भरा गया: 35 टन (फिर भी कुछ जगह खाली रही)
इस तकनीक से मैनुअल वैगन क्लीनिंग की जरूरत खत्म हो जाएगी और किसी प्रकार की कोटिंग की आवश्यकता भी नहीं रहेगी. इससे टर्नअराउंड टाइम कम होगा और रेलवे की परिचालन दक्षता बढ़ेगी.
किसने बनाया है यह कंटेनर?
यह कंटेनर कल्याणी कास्ट टेक लिमिटेड, रेवाड़ी (हरियाणा) ने तैयार किया है. कंपनी के सीएमडी नरेश कुमार के अनुसार, ट्रायल में इस्तेमाल कंटेनर के आयाम इस प्रकार हैं:
- लंबाई: 20 फीट
- ऊंचाई: 8.5 फीट
- चौड़ाई: 8.5 फीट
इस तकनीक से नमक की ढुलाई लागत में काफी कमी आएगी और लॉजिस्टिक एफिशिएंसी बढ़ेगी.
जिंदल स्टेनलेस का सहयोग
इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिंदल स्टेनलेस ने SS 304 ग्रेड की शीट मुफ्त में उपलब्ध कराई. इससे पहले कंपनी स्टेनलेस स्टील से बने Salt Tipper Trailer का भी सफल परीक्षण कर चुकी है. स्टेनलेस स्टील से बने कंटेनर या ट्रक बॉडी की उम्र लगभग 15 साल तक होती है. जबकि माइल्ड स्टील से बने पारंपरिक वैगनों को नमक ढुलाई के कारण 2-3 ट्रिप के बाद ही वर्कशॉप भेजना पड़ता था.
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
- नमक ढुलाई में कम लागत
- तेज़ लोडिंग और अनलोडिंग
- कम रखरखाव खर्च
- ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल
- रेलवे की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार
यह सफल परीक्षण भविष्य में नमक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है और रेलवे लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दे सकता है.

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