ED बनाम पुलिस: जांच पर हाईकोर्ट की रोक बरकरार, 24 फरवरी को अगली सुनवाई
“प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. राज्य सरकार ने कोर्ट से ED द्वारा दायर जवाबी हलफनामे का अध्ययन करने के लिए समय मांगा”

Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. राज्य सरकार ने कोर्ट से ED द्वारा दायर जवाबी हलफनामे का अध्ययन करने के लिए समय मांगा, जिसे न्यायमूर्ति एस.के. द्विवेदी की अदालत ने स्वीकार कर लिया. अदालत ने ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज पुलिस जांच और किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया है. अब मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी. ED की ओर से अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा.
सुरक्षा को लेकर पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश
यह मामला एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 05/2026 से जुड़ा है, जिसमें ED अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने ED कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को CISF, BSF या अन्य अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर विचार करने का निर्देश दिया था. साथ ही, रांची के एसएसपी को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अदालत ने हिनू स्थित ED कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया था.
क्या है पूरा विवाद?
ED अधिकारियों ने हाईकोर्ट से मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही को रद्द किया जाए. वैकल्पिक रूप से जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे CBI, को सौंपने की अपील की गई है. मामले के शिकायतकर्ता संतोष कुमार पर लगभग 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है, जो कथित पेयजल घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है. ED ने इस मामले में ECIR दर्ज की है. ED के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को संतोष कुमार स्वयं ED कार्यालय पहुंचे थे. पूछताछ के दौरान वे अचानक उत्तेजित हो गए और कथित रूप से खुद को चोट पहुंचाई. बाद में उन्होंने ED अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज कराया. फिलहाल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर रोक बनी हुई है और अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी.

