JPSC विवाद पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप, CBI जांच की मांग से गरमाई झारखंड की राजनीति
झारखंड में JPSC परीक्षा विवाद को लेकर राजनीति तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 14वीं JPSC परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया.

झारखंड में 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि JPSC में हुई गड़बड़ी कोई सामान्य चूक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित घोटाला है. भाजपा नेता ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है. बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी है. उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी, JPSC अध्यक्ष के इस्तीफे और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. वहीं, उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
JPSC परीक्षा में घोटाले का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि 14वीं JPSC परीक्षा में हुई गड़बड़ी महज प्रशासनिक गलती नहीं है. उन्होंने इसे एक सुनियोजित मामला बताते हुए कहा कि इससे हजारों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है.
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार सवाल उठ रहे हैं और युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है. मरांडी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग रखी.
भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का लगाया दावा
मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में सरकारी पदों की भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में अधिकारियों के पदों और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई.
उन्होंने परीक्षा के अलग-अलग चरणों में पैसे के लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अगर निष्पक्ष जांच होती है तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.
JPSC अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने JPSC परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी और अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के इस्तीफे को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
मरांडी ने आरोप लगाया कि मौजूदा जांच प्रक्रिया से असली दोषियों तक पहुंचना मुश्किल है और इसलिए केंद्रीय एजेंसी से जांच जरूरी है.
CID जांच और FIR प्रक्रिया पर भी निशाना
बाबूलाल मरांडी ने CID जांच के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले भी कुछ मामलों में जांच के बावजूद ठोस परिणाम सामने नहीं आए. उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य धाराओं में FIR दर्ज करने से आरोपियों को फायदा मिल सकता है.
उन्होंने मांग की कि भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई की जाए और पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं.
सरकार से CBI जांच कराने की मांग
प्रेस वार्ता के अंत में बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि अगर सरकार की भूमिका इस मामले में साफ है तो उसे CBI जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए.
उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य में बड़ा आंदोलन हो सकता है. फिलहाल JPSC विवाद को लेकर झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

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