राहुल गांधी के आरोपों पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार, बोले- जनता सब समझ चुकी है
“गिरिडीह में प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया. उन्होंने ‘वोट चोरी’ सहित चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक आरोप बताते हुए कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया. ”

Giridih: गिरिडीह में प्रेस वार्ता के दौरान झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी व्यवस्था और केंद्र सरकार को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया. मरांडी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस के लिए नया नहीं है और पार्टी पहले भी ईवीएम, राफेल, फोन टैपिंग और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधती रही है. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों का भी जिक्र किया. वहीं, चुनाव आयोग राहुल गांधी के कुछ आरोपों को आधारहीन बता चुका है, जबकि कांग्रेस लगातार मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाती रही है.
चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर बरसे बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोप कोई नई बात नहीं है. उनके मुताबिक, 2014 के बाद से कांग्रेस अलग-अलग मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाती रही है. उन्होंने ईवीएम, राफेल, फोन टैपिंग और अब ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रही है. मरांडी ने इन आरोपों को कांग्रेस का राजनीतिक प्रयास बताया और कहा कि जनता इन दावों को समझ चुकी है. दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने भी राहुल गांधी के चुनावी अनियमितताओं से जुड़े कुछ आरोपों को गलत और आधारहीन बताया है. आयोग ने अगस्त 2025 में राहुल गांधी से अपने आरोपों को लेकर शपथपत्र देने या माफी मांगने को कहा था.
राहुल गांधी पर बाबूलाल मरांडी की तीखी टिप्पणी
प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की और कांग्रेस नेतृत्व को अपने नेता की चिंता करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद और देश-विदेश में जिस तरह के बयान और गतिविधियां करते हैं, उस पर कांग्रेस को ध्यान देना चाहिए. मरांडी ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस अपने नेता के राजनीतिक रवैये को नियंत्रित नहीं करती है, तो इसका असर पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर पड़ सकता है. हालांकि, ये टिप्पणियां बाबूलाल मरांडी का राजनीतिक आकलन और बयान हैं. राहुल गांधी और कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर लगातार अपने आरोप और सवाल सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं. कांग्रेस ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं.
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष
राहुल गांधी की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने अलग-अलग मौकों पर जवाब दिया है. अगस्त 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि चुनाव प्रक्रिया में बड़ी संख्या में कर्मचारी, बूथ लेवल एजेंट और पोलिंग एजेंट शामिल होते हैं. आयोग ने मतदाता सूची में अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर राहुल गांधी से शपथपत्र देने को भी कहा था. सितंबर 2025 में आयोग ने कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र से जुड़े राहुल गांधी के आरोपों को भी गलत और आधारहीन बताया था. आयोग के मुताबिक, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत होती है और वोट ऑनलाइन डिलीट नहीं किए जा सकते. इन बयानों के बावजूद कांग्रेस ने अपने आरोपों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर सवाल उठाना जारी रखा है.
कांग्रेस के आरोपों और भाजपा के पलटवार से बढ़ी राजनीतिक बहस
चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया है. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष और सही मतदाता सूची सुनिश्चित करना है. पार्टी ने अलग-अलग चुनावी क्षेत्रों के आंकड़ों का हवाला देकर अपने सवाल सामने रखे हैं. इसके जवाब में चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के कई आरोपों को गलत या आधारहीन बताया है और प्रक्रिया की पारदर्शिता का बचाव किया है. इसी राजनीतिक विवाद के बीच बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के आरोपों का उद्देश्य जनता को भ्रमित करना है. चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े ये दावे फिलहाल राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बने हुए हैं.


