“मेरा बंगला नीलाम कर दीजिए, लेकिन छात्रों की छात्रवृत्ति न रुके”, विधानसभा में बोले जयराम
“झारखंड विधानसभा में ओबीसी छात्रवृत्ति भुगतान पर सत्र में बहस हुई. जयराम महतो ने कहा, “मेरा बंगला नीलाम कर दीजिए, लेकिन छात्रों की छात्रवृत्ति रुकी नहीं रहे.””

Ranchi: झारखंड विधानसभा के हालिया सत्र में ओबीसी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति का मुद्दा गरमाया. विधायक जयराम महतो और कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के बीच सदन में ही तीखी बहस हुई. जयराम महतो ने कहा, “अगर छात्रों को पढ़ाई के लिए पैसा नहीं मिलेगा, तो मेरा बंगला नीलाम कर दीजिए, लेकिन छात्रवृत्ति जरूर मिले.” यह बयान उस समय चर्चा में आया जब यह याद दिलाया गया कि राज्य सरकार ने उन्हें 4 करोड़ रुपये मूल्य का विधायक बंगला अलॉट किया था, जिसे उन्होंने पहले ही लेने से इंकार कर दिया था.
मंत्री ने कहा केंद्र से आई कम राशि
कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने सदन को बताया कि ओबीसी छात्रवृत्ति का भुगतान केंद्र और राज्य के साठ-चालीस अनुपात से होता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली राशि में कमी आई है. उन्होंने सदन में केंद्र को भेजे गए मांग पत्र और उनके विरुद्ध प्राप्त राशि का ब्यौरा भी साझा किया. मंत्री ने कहा कि इस स्थिति में राज्य सरकार अब वैकल्पिक मार्ग ढूंढ रही है, ताकि छात्रवृत्ति का भुगतान समय पर किया जा सके.
तो सरकार घोषणा कर दे...
सदन में जयराम महतो ने स्पष्ट किया कि अगर केंद्र पैसा नहीं भेजती है, तो सरकार घोषणा कर दे कि छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया जाएगा. उन्होंने सुझाव दिया कि विधायक फंड से राशि निकालकर छात्रवृत्ति मद में लगाया जाए. उन्होंने सदन में जोर देकर कहा, “अगर चार-पांच साल सड़क, नाली, गली नहीं बनेगी तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन छात्रों का भविष्य अंधकार में चले जाएगा. अगर जरूरत पड़े तो मेरा बंगला नीलाम कर दीजिए.”
ब्याज सहित भुगतान की मांग
जयराम महतो ने सदन में यह भी कहा कि लंबित छात्रवृत्ति भुगतान के समय छात्रों को मूल राशि के साथ ब्याज सहित भुगतान किया जाना चाहिए. उनके इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि वे छात्र हित में किसी भी कदम को स्वीकार करने को तैयार हैं.

