स्पीकर हटाने की कोशिश नाकाम, लोकसभा में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरा; जानिए संसद में क्या-क्या हुआ
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया. गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद सदन में तीखा हंगामा हुआ और विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर विरोध जताया.

New Delhi: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में बुधवार को लोकसभा का माहौल बेहद गरम रहा. स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार ध्वनिमत से गिर गया. कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने यह प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर दो दिनों तक लंबी बहस चली. बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया और विपक्ष पर कई राजनीतिक आरोप भी लगाए. उनके बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया और माफी की मांग करते हुए वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी. शोर-शराबे के बीच ही पीठासीन जगदंबिका पाल ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से मतदान के लिए रखा, जिसमें यह प्रस्ताव गिर गया. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
दो दिन चली बहस
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने यह प्रस्ताव पेश किया, जिस पर चर्चा के लिए लगभग 10 घंटे का समय तय किया गया था. मंगलवार को इस प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत हुई थी, जिसमें विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सदन में उन्हें बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता और कई बार विपक्ष की आवाज दबाई जाती है. बुधवार को बहस का दूसरा दिन था. इस दौरान विभिन्न दलों के सांसदों ने अपनी-अपनी राय रखी. कुछ विपक्षी सांसदों ने स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठाए, जबकि सत्ता पक्ष के सांसदों ने स्पीकर की कार्यशैली का बचाव किया और प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित बताया.
अमित शाह का जवाब, विपक्ष पर लगाए कई आरोप
चर्चा के अंत में गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की ओर से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि स्पीकर सदन के सभी सदस्यों के संरक्षक होते हैं और उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है. अमित शाह ने यह भी कहा कि विपक्ष का यह कदम संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस प्रस्ताव के जरिए राजनीतिक संदेश देना चाहता है. अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई बार विपक्ष खुद नियमों का पालन नहीं करता, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित होती है. गृह मंत्री ने यह भी दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष को पर्याप्त समय दिया गया है और यह कहना गलत है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता.
राहुल गांधी की उपस्थिति और बयान पर भी घिरी कांग्रेस
अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद में उपस्थिति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि पिछली लोकसभा में राहुल गांधी की उपस्थिति राष्ट्रीय औसत से काफी कम रही. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद सत्र के दौरान कई बार राहुल गांधी विदेश यात्राओं पर रहते हैं और फिर यह कहते हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता. गृह मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता को सदन के नियमों के अनुसार बोलना चाहिए और बिना नियमों का पालन किए बोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती. इस टिप्पणी के बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध किया और सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा.
विपक्ष का विरोध और माफी की मांग
अमित शाह के बयान के बाद विपक्षी दलों के सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्ष की मांग थी कि गृह मंत्री अपने बयान के लिए माफी मांगें. कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार बहस को मूल मुद्दे से भटका रही है. पीठासीन जगदंबिका पाल ने कई बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा. इस दौरान प्रस्ताव लाने वाले डॉ. मोहम्मद जावेद ने भी गृह मंत्री से माफी की मांग की.
ध्वनिमत से गिरा प्रस्ताव, सदन स्थगित
लगातार हंगामे के बीच पीठासीन ने अविश्वास प्रस्ताव को सीधे मतदान के लिए रख दिया. शोरगुल के बीच ध्वनिमत से मतदान कराया गया, जिसमें स्पीकर के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव गिर गया. मतदान के बाद पीठासीन ने घोषणा की कि प्रस्ताव अस्वीकृत हो गया है. इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार, 12 मार्च को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली. बजट सत्र के बीच हुई यह बहस संसद की कार्यवाही और राजनीतिक माहौल दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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