बुढ़मू CO पर रिश्वत मांगने का आरोप, कोर्ट में रैयतों के बयान से जांच का दायरा बढ़ा
रांची के बुढ़मू अंचल अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोप में दो रैयतों ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया है. ACB पहले ही CO समेत तीन आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है. जांच के दौरान 200 एकड़ से अधिक जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी और अन्य अनियमितताओं की भी पड़ताल की जा रही है.

रांची:झारखंड की राजधानी रांची से जुड़े बुढ़मू अंचल कार्यालय का चर्चित रिश्वत प्रकरण अब नए मोड़ पर पहुंच गया है. अंचल अधिकारी (CO) सच्चिदानंद कुमार वर्मा के खिलाफ दो रैयतों ने अदालत में बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि जमीन से संबंधित कार्य कराने के बदले उनसे रिश्वत मांगी गई थी. उनका कहना है कि रिश्वत नहीं देने पर उनके आवेदन पर कार्रवाई से इनकार कर दिया गया. इस बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) पहले ही इस मामले में CO, एक राजस्व कर्मचारी और उसके भाई को गिरफ्तार कर पूछताछ कर चुकी है. जांच के दौरान केवल रिश्वतखोरी ही नहीं, बल्कि जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों और बड़े स्तर पर हेराफेरी की भी जांच की जा रही है. अदालत में दर्ज हुए नए बयानों के बाद जांच एजेंसी का फोकस अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर भी केंद्रित हो गया है.
कोर्ट में रैयतों ने लगाए रिश्वत मांगने के आरोप
मामले में दो रैयतों ने न्यायालय के समक्ष बयान देते हुए दावा किया कि जमीन से जुड़े सरकारी कार्य के लिए उनसे अवैध धन की मांग की गई थी. उनका आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया तो संबंधित अधिकारियों ने उनका काम आगे बढ़ाने से मना कर दिया. इन बयानों के बाद मामले को लेकर जांच और गंभीर हो गई है.
ACB की कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों से हुई पूछताछ
इस प्रकरण की शुरुआत शिकायतकर्ता सुबोध कुमार की शिकायत से हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि खरीदी गई जमीन के म्यूटेशन के बदले रिश्वत मांगी जा रही है. शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने कार्रवाई करते हुए बुढ़मू के CO सच्चिदानंद कुमार वर्मा, राजस्व उप निरीक्षक सह भू-राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि और उसके भाई गौतम किशोर रवि को गिरफ्तार किया. बाद में तीनों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ भी की गई.
200 एकड़ से अधिक जमीन के रिकॉर्ड की जांच
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने केवल रिश्वत के आरोपों तक खुद को सीमित नहीं रखा. अधिकारियों ने जमीन के रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की भी जांच शुरू की. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 200 एकड़ से अधिक भूमि के दस्तावेजों में रिकॉर्ड बदलने, ऑनलाइन डाटा में छेड़छाड़ और राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी जैसे मामलों की भी पड़ताल की जा रही है.
जमीन कारोबारियों और बिचौलियों पर भी नजर
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ACB अब उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिनका नाम पूछताछ में सामने आया है. इनमें कथित बिचौलिये, जमीन कारोबारी और अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं. एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या जमीन से जुड़े विवादित मामलों में किसी संगठित नेटवर्क के जरिए अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं.
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
अदालत में दर्ज हुए नए बयानों के बाद इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. हालांकि, अभी जांच जारी है और किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है. ACB का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित रिश्वतखोरी, जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी और अन्य आरोपों में किन-किन लोगों की भूमिका रही है. जांच पूरी होने के बाद एजेंसी अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.

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