रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस चतरा में क्रैश, 7 लोगों की मौत
चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड स्थित कसारी जंगल में सोमवार शाम एक बड़ा विमान हादसा हो गया. रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें पायलट और डॉक्टर सहित कुल सात लोगों की मौत हो गई.

Ranchi: चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड स्थित कसारी जंगल में सोमवार शाम एक बड़ा विमान हादसा हो गया. रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें पायलट और डॉक्टर सहित कुल सात लोगों की मौत हो गई. हादसा सोमवार शाम करीब 8 बजे हुआ, जब तेज बारिश और हवा के बीच जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर एंबुलेंस ने शाम करीब 7 बजे रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के लगभग आधे घंटे बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क टूट गया. वायरलेस सिग्नल के माध्यम से अंतिम संपर्क शाम 7:30 बजे पलामू-गढ़वा क्षेत्र में हुआ था, जिसके बाद अचानक संपर्क समाप्त हो गया.
मरीज को बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था दिल्ली
बताया जा रहा है कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था. वे हाल ही में अपने बकोरिया स्थित होटल में आग लगने की घटना में लगभग 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे. उन्हें 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था. हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली भेजने का निर्णय लिया. सोमवार दोपहर उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली के लिए रवाना किया गया था. विमान में उनके साथ उनकी पत्नी अर्चना देवी और पुत्र ध्रुव कुमार भी सवार थे.
विमान में सवार थे सात लोग
दुर्घटनाग्रस्त विमान रेड बर्ड कंपनी की एयर एंबुलेंस सी-90 बताया जा रहा है. विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें पायलट कप्तान विवेक विकास भगत, को-पायलट कप्तान समरजीत सिंह, डॉ. विकास गुप्ता, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, ध्रुव कुमार और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे. हादसे में सभी की मौत हो गई.
तेज धमाके के बाद जंगल में लगी आग
ग्रामीणों के मुताबिक, रात करीब 8 बजे तेज बारिश और हवा के बीच अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद जंगल में आग लग गई. आसपास के गांवों से करीब एक हजार लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. सूचना मिलते ही चतरा पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई. किसी को भी मलबे के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. रात का समय और लगातार बारिश राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बनती रही, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
हादसे के कारणों की जांच जारी
फिलहाल, दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस और प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा. शुरुआती तौर पर खराब मौसम, तेज बारिश और तेज हवा को संभावित कारणों में माना जा रहा है, हालांकि अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है.

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