दलादली चौक से सड़क सुरक्षा का संदेश, घर-घर तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
रांची के दलादली चौक पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान वाहन चालकों से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई. दुकानदारों को भी सड़क पर वाहनों की सुरक्षित पार्किंग सुनिश्चित करने में सहयोग देने को कहा गया.

रांची:- जिले के दलादली चौक पर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया. इस दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सावधानी बरतने का संदेश दिया गया. अभियान के तहत परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, आम नागरिकों और मीडिया के सहयोग से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता घर-घर तक पहुंचाने की बात कही गई. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता
अभियान के दौरान कहा गया कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. इसी उद्देश्य से परिवहन विभाग और पुलिस के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. कोशिश है कि सड़क सुरक्षा का संदेश हर परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके.
बिना हेलमेट बाइक चलाना दुर्घटना को न्योता
दलादली चौक पर अभियान के दौरान कई बाइक चालक बिना हेलमेट के नजर आए. इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई. महिलाओं के बाइक चलाने को प्रोत्साहित करते हुए कहा गया कि वाहन चलाते समय सुरक्षा उपायों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. हेलमेट पहनना केवल नियम का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है.
देश में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक
बयान में देश और झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए चिंता जताई गई. प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में देशभर में लगभग 4.87 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुईं और करीब 1.77 लाख लोगों की मौत हुई. वहीं, झारखंड में वर्ष 2024 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 4,100 लोगों की जान गई. इन आंकड़ों के जरिए सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतने की जरूरत बताई गई.
दुकानदारों की भी तय होनी चाहिए जिम्मेदारी
राष्ट्रीय राजमार्ग और उनसे जुड़ने वाली सड़कों के किनारे स्थित दुकानों, ढाबों और खाद्य पदार्थों की दुकानों के संचालकों से भी सतर्क रहने की अपील की गई. कहा गया कि ग्राहकों के वाहन कहां खड़े हो रहे हैं, इस पर ध्यान देना जरूरी है. दुकानदारों को सुरक्षित पार्किंग स्थल की जानकारी देनी चाहिए, ताकि सड़क पर वाहनों के खड़े होने से यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो.
सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी, जनभागीदारी पर जोर
अभियान के दौरान कहा गया कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक संस्कृति के रूप में विकसित करना होगा. वाहन चलाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नियमों का पालन करना चाहिए. वहीं, दूसरों को यातायात नियमों का उल्लंघन करते देखने पर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. परिवहन विभाग, पुलिस, मीडिया और आम जनता के साझा प्रयासों से ही सड़क सुरक्षा का संदेश घर-घर तक पहुंचाया जा सकता है.



