मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दो बड़े संथाल-सारना महासम्मेलनों में शामिल होने का न्योता, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नवंबर 2026 में आयोजित होने वाले मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन और 26th International Santal Socio-Sarna Religion Conference में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण मिला है.

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नवंबर 2026 में आयोजित होने वाले दो प्रमुख संथाल-सारना महासम्मेलनों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है. कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में लुगू बुरु घांटा बाड़ी धोरोम गाढ़ एवं मरांग बुरु धर्मगाढ़ महासम्मेलन से जुड़े संथाल समाज के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें 4 और 5 नवंबर को मरांग बुरु, मधुबन, पीरटांड़, गिरिडीह में आयोजित होने वाले मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन-2026 में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया.
नवंबर में होंगे दो बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दूसरे आयोजन 26th International Santal Socio-Sarna Religion Conference 2026 की जानकारी भी दी. यह सम्मेलन 22 से 24 नवंबर 2026 तक सोहराय कुनामी यानी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर टीटीपीएस, ललपनिया, बोकारो में आयोजित किया जाएगा. प्रतिनिधियों के अनुसार, दोनों महासम्मेलनों में देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी सरना धर्मावलंबियों के शामिल होने की संभावना है. कार्यक्रमों के दौरान आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाज, धार्मिक आस्था और संथाल समाज की विरासत पर चर्चा होगी. साथ ही, जनजातीय एकता को मजबूत करने और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने पर भी जोर दिया जाएगा.
हेमंत सोरेन ने दी शुभकामनाएं, आदिवासी विरासत के संरक्षण पर जताई प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए दोनों महासम्मेलनों के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और जन-आस्था के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री के अनुसार, समुदाय की पहचान और अस्तित्व को बनाए रखने के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे. इस मुलाकात के दौरान राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त एवं मरांग बुरु बचाओ मोर्चा के अध्यक्ष फागू बेसरा सहित हीरालाल मांझी, सोमई टुडू, महावीर मुर्मू, विष्णु किस्कू, सुरेश हेंब्रम, सुधीर बास्के, बबली सोरेन और संथाल समाज के कई गणमान्य सदस्य एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे.




