कांके में दिल्ली पुलिस की बड़ी छापेमारी, चोरी के वाहनों के साथ फर्जी पासपोर्ट बरामद
दिल्ली में वाहन चोरी के कथित गिरोह के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने रांची के कांके स्थित सुहाना सिटी में छापेमारी की. मुख्य आरोपी समीर अंसारी के आवास से दो थार और चार मोटरसाइकिल बरामद की गईं. पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन किराये पर लेकर फरार हो जाते थे.

Ranchi: कांके स्थित सुहाना सिटी में दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी के एक कथित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. स्थानीय कांके पुलिस के सहयोग से मुख्य आरोपी समीर अंसारी के आवास पर छापेमारी कर दो थार और चार मोटरसाइकिल बरामद की गईं. पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्रों के सहारे ट्रैवल एजेंसियों से वाहन किराये पर लेते थे और फिर उन्हें लेकर फरार हो जाते थे. इस मामले में मुख्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा. पुलिस उसके परिजनों से पूछताछ कर रही है और बरामद वाहनों के संबंध में जांच जारी है.
सुहाना सिटी में दिल्ली पुलिस की छापेमारी, दो थार और चार बाइक बरामद
दिल्ली में वाहन चोरी की घटनाओं की जांच कर रही पुलिस ने रांची के कांके स्थित सुहाना सिटी में छापेमारी की. यह कार्रवाई कथित वाहन चोरी गिरोह के मुख्य आरोपी समीर अंसारी के आवास पर की गई. दिल्ली पुलिस को इस अभियान में कांके पुलिस का सहयोग मिला. छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर से दो महिंद्रा थार और चार मोटरसाइकिल बरामद कीं. पुलिस के अनुसार, बरामद वाहनों पर दिल्ली के फर्जी नंबर प्लेट लगे होने की बात सामने आई है. जांच एजेंसियां अब इन वाहनों के वास्तविक मालिकों और चोरी से जुड़े मामलों का पता लगाने में जुटी हैं. पुलिस को आशंका है कि बरामद वाहन कथित गिरोह की गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, इन सभी वाहनों की पहचान, दस्तावेजों और उनके चोरी होने की परिस्थितियों का सत्यापन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. इस कार्रवाई के बाद इलाके में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है. पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
फर्जी आधार कार्ड से वाहन किराये पर लेकर फरार होता था गिरोह
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस कथित गिरोह के सदस्य ट्रैवल एजेंसियों को निशाना बनाते थे. आरोपी फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर एजेंसियों से चारपहिया वाहन किराये पर लेते थे. इसके बाद निर्धारित समय पर वाहन वापस करने के बजाय उन्हें लेकर फरार हो जाते थे. पुलिस का दावा है कि यह गतिविधि पिछले करीब आठ महीनों से चल रही थी और इस दौरान सैकड़ों वाहनों को निशाना बनाए जाने की आशंका है. वाहन गायब होने के बाद उनकी पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट बदल दी जाती थी. इसके बाद कथित तौर पर गाड़ियों को बेच दिया जाता था या कबाड़ के रूप में खपा दिया जाता था. इस तरीके से ट्रैवल एजेंसियों को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली, आरोपियों की संख्या और चोरी किए गए वाहनों की वास्तविक संख्या का पता लगाने में जुटी है. जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि फर्जी दस्तावेज कहां तैयार किए जाते थे और चोरी के वाहनों को किन लोगों तक पहुंचाया जाता था.
GPS से मिला सुराग, रात तीन बजे से पुलिस ने शुरू की निगरानी
कथित वाहन चोरी गिरोह तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस ने जीपीएस तकनीक की मदद ली. पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से जीपीएस से लैस एक वाहन किराये पर लगवाया गया था. आरोप है कि गिरोह के सदस्य इस वाहन को भी लेकर फरार हो गए और उसे कांके स्थित समीर अंसारी के आवास तक पहुंचा दिया. वाहन में लगे जीपीएस से उसकी लोकेशन का पता चला, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस रांची पहुंची. इसके बाद पुलिस ने कांके इलाके में रात करीब तीन बजे से निगरानी शुरू की. सुबह करीब पांच बजे स्थानीय पुलिस के साथ समीर के आवास पर छापेमारी की गई. पुलिस के मुताबिक, घर का दरवाजा खटखटाने के बावजूद काफी देर तक उसे नहीं खोला गया. इसी दौरान मुख्य आरोपी समीर अंसारी कथित तौर पर घर के पिछले दरवाजे से निकलकर धान के खेत की ओर भाग गया. पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया. इसके बाद आरोपी की तलाश तेज कर दी गई.
कथित फर्जी पासपोर्ट बरामद, फरार आरोपी की तलाश जारी
छापेमारी के दौरान पुलिस को वाहनों के अलावा समीर अंसारी के नाम और पहचान से संबंधित एक कथित फर्जी पासपोर्ट भी मिला. पुलिस के दावे के मुताबिक, पासपोर्ट पर समीर की तस्वीर थी, लेकिन उसमें किसी दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज था. जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि आरोपी ने इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कथित तौर पर चोरी से अर्जित पैसों के जरिए दुबई की यात्रा की थी. हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी. कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी फरार हो गया, जबकि पुलिस ने उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है. दिल्ली पुलिस और कांके पुलिस अब बरामद वाहनों, कथित फर्जी दस्तावेजों और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहन चोरी के इस कथित नेटवर्क का संचालन किन लोगों के जरिए किया जा रहा था और इसमें अन्य राज्यों के लोगों की कोई भूमिका है या नहीं. फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास जारी हैं.

