Video: 425 केस, 39 लाख का इनाम और 16 माओवादी… आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों के मुख्य चेहरों का ऐसे हुआ सरेंडर
झारखंड पुलिस के ऑपरेशन नवजीवन-II में बड़ी सफलता मिली है. कोल्हान, सारंडा और लातेहार में सक्रिय 16 माओवादी कमांडरों और दस्ता सदस्यों ने रांची में हथियार डाल दिए. इन पर कुल 425 आपराधिक मामले दर्ज थे और 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था.


Ranchi: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे लंबे और निरंतर अभियान ने एक और निर्णायक मोड़ ले लिया है. कोल्हान, सारंडा और लातेहार के दुर्गम जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय भाकपा (माओवादी) के 16 कमांडरों और दस्ता सदस्यों ने मंगलवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. इनमें 15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमांडर संतोष उर्फ बासुदेव दा सहित कई शीर्ष स्तर के इनामी शामिल हैं. ऑपरेशन ‘नवजीवन-II’ के तहत झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर की संयुक्त कार्रवाई का यह परिणाम है. संगठन के आंतरिक शोषण, भय और सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव ने इन्हें मुख्यधारा की ओर मोड़ दिया. कुल 11 हथियार, 38 मैगजीन और 1562 राउंड कारतूस के साथ हुए इस आत्मसमर्पण ने पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों में माओवादी सैन्य क्षमता को गंभीर झटका दिया है. यह घटना न केवल एक स्थानीय सफलता है, बल्कि राज्य में नक्सलवाद के अंतिम चरण की ओर बढ़ते कदम का संकेत है.
16 माओवादियों की पूरी सूची और उनका आपराधिक प्रोफाइल
आत्मसमर्पण करने वालों में 11 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं. उनकी रैंक इस प्रकार है—1 आरसीएम, 3 जेडसीएम, 3 एसजेडसीएम, 6 एसीएम और 3 कैडर. ये सभी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल के नेटवर्क से जुड़े थे.
• संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी उर्फ दिलीप उर्फ संजय महतो उर्फ बासुकू उर्फ श्याम (आरसीएम, 15 लाख इनाम, 128 मामले): गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र का निवासी. इंसास राइफल-1, मैगजीन-5, कारतूस-136 राउंड सौंपे.
• संतोष माँझी उर्फ जगबंधु (जेडसीएम, 32 मामले): हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र. इंसास राइफल-1, मैगजीन-5, कारतूस-125 राउंड.
• चंदन लोहरा (जेडसीएम, 10 लाख इनाम, 78 मामले): खूंटी के अड़की थाना क्षेत्र. एके-47 राइफल-1, मैगजीन-2, कारतूस-129 राउंड.
• जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली (जेडसीएम, 38 मामले): ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले का निवासी. एके-47 राइफल-1, मैगजीन-2, कारतूस-100 राउंड.
• राजन हांसदा उर्फ गुना हांसदा (एसजेडसीएम, 6 मामले): पश्चिमी सिंहभूम के छोटानागरा थाना क्षेत्र. एचके-33 राइफल-1, एलएमजी मैगजीन-3, कारतूस-208 राउंड.
• अनिल तुरी उर्फ उज्जवल (एसजेडसीएम, 5 लाख इनाम, 22 मामले): लोहरदगा के पेशरार थाना क्षेत्र. इंसास राइफल-1, मैगजीन-4, कारतूस-150 राउंड.
• सुखलाल बिरंजिया उर्फ अकेला (एसजेडसीएम, 5 लाख इनाम, 12 मामले): लातेहार के गारू थाना क्षेत्र. कोई हथियार नहीं सौंपा.
• सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम होनहागा उर्फ सोना (एसीएम, 2 लाख इनाम, 33 मामले): पश्चिमी सिंहभूम के छोटानागरा थाना क्षेत्र. इंसास राइफल-1, मैगजीन-5, कारतूस-125 राउंड.
• एतवारी माँझी उर्फ सोनोत उर्फ सत उर्फ शनिचरवा (एसीएम, 9 मामले): गिरिडीह के मधुबन थाना क्षेत्र. इंसास राइफल-1, मैगजीन-5, कारतूस-125 राउंड.
• देवान मुर्मू उर्फ शनिचर (एसीएम, 6 मामले): गिरिडीह के निमियाघाट थाना क्षेत्र. इंसास राइफल-1, मैगजीन-4, कारतूस-125 राउंड.
• सुमित्रा सुरीन (एसीएम, 15 मामले): पश्चिमी सिंहभूम के गोईलकेरा थाना क्षेत्र. कोई हथियार नहीं.
• चंपा मंझियाईन उर्फ गुडिया (कैडर, 5 मामले): बोकारो के नावाडीह थाना क्षेत्र. यूएस कार्बाइन-1, मैगजीन-2, कारतूस-95 राउंड.
• रिसिव (एसीएम, 2 लाख इनाम, 18 मामले): पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ थाना क्षेत्र. कोई हथियार नहीं.
• सालमी मुंडा उर्फ पारूल (एसीएम, 6 मामले): रांची के बुंडू थाना क्षेत्र. एम-16 राइफल-1, मैगजीन-1, कारतूस-244 राउंड.
• मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन (कैडर, 14 मामले): पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ थाना क्षेत्र. कोई हथियार नहीं.
• सीता मुंडा (कैडर, 3 मामले): सरायकेला-खरसावां के कुचाई थाना क्षेत्र. कोई हथियार नहीं.
इनमें से 15 झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, रांची, सरायकेला और गिरिडीह के स्थानीय निवासी हैं, जबकि एक ओडिशा का है.
हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा
आत्मसमर्पण के दौरान कुल 11 हथियार, 38 मैगजीन और 1562 राउंड कारतूस पुलिस के हवाले किए गए.
• इंसास राइफल: 6
• एके-47: 2
• एचके-33: 1
• यूएस कार्बाइन: 1
• एम-16: 1
मैगजीन में एलएमजी के 3, इंसास के 28, एके-47 के 4, यूएस कार्बाइन के 2 और एम-16 का 1 शामिल है. कारतूस में इंसास के 786, एके-47 के 229, एचके-33 के 208, यूएस कार्बाइन के 95 और एम-16 के 244 राउंड हैं. ये हथियार पिछले कई वर्षों की नक्सली वारदातों में इस्तेमाल किए गए होंगे. उनकी बरामदगी से कोल्हान-सारंडा क्षेत्र में सक्रिय दस्ता की फायरपावर काफी हद तक खत्म हो गई है.
महत्वपूर्ण आपराधिक मामले: आईईडी विस्फोट, हत्याएं और मुठभेड़ें
ये आत्मसमर्पित माओवादी सिर्फ रैंक नहीं थे. वे पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) और लातेहार में दर्ज कई गंभीर मामलों में सीधे शामिल रहे हैं. कुछ प्रमुख घटनाएं:
• 4 मार्च 2021 को टोकलो थाना क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के 3 जवान शहीद और 3 घायल. चंपा मंझियाईन उर्फ गुडिया शामिल.
• 15 सितंबर 2020 को कराइकेला थाना क्षेत्र में ग्रामीण कृष्णा सवैया की हत्या. रिसिव शामिल.
• 4 जनवरी 2022 को गोईलकेरा थाना क्षेत्र में पूर्व विधायक गुरुचरन नायक के 2 अंगरक्षक की हत्या. चंदन लोहरा और सुदेश होनहागा शामिल. इंसास और एके-47 लूटे गए.
• 28 दिसंबर 2021 को गोईलकेरा थाना क्षेत्र में मुंशी बैराम लुगुन की हत्या और जेसीबी मशीन जलाया. चंदन लोहरा और राजनath हांस्दा शामिल.
• 11-12 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र में मुठभेड़ और आईईडी विस्फोट में कोबरा के 9 जवान घायल. संतोष माँझी, जयकांत मुंडा, राजनath हांस्दा, एतवारी माँझी और देवान मुर्मू शामिल.
• 11 अगस्त 2023 को हुसीपी जंगल में मुठभेड़ में सीआरपीएफ जवान शहीद. चंदन लोहरा, जयकांत मुंडा और एतवारी माँझी शामिल.
• 14 अगस्त 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र में मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के अवर निरीक्षक और आरक्षी शहीद. देवान मुर्मू शामिल.
• 1 फरवरी 2024 को जेटेया थाना क्षेत्र में ग्रामीण चुडू सिरका की हत्या. सुदेश होनहागा शामिल.
• 5 मार्च 2025 और 22 मार्च 2025 को छोटानागरा-जराईकेला क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ जवान घायल/शहीद. चंदन लोहरा, जयकांत मुंडा और मुन्नी सुरीन शामिल.
• 12 अप्रैल 2025 को राधा पोडा जंगल में मुठभेड़ और आईईडी में कोबरा और जगुआर जवान घायल/शहीद. चंदन लोहरा, जयकांत मुंडा और मुन्नी सुरीन शामिल.
• 31 मई 2025 को बलिका जंगल में आईईडी से ग्रामीण साव बरजो की मौत. चंदन लोहरा शामिल.
• 8 अगस्त 2025 और 8 नवंबर 2025 को जराईकेला और सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट. जयकांत मुंडा और संतोष माँझी शामिल.
• 1 मार्च 2026 को मारंगपोंगा-किनबीर क्षेत्र में मुठभेड़ और आईईडी में कोबरा जवान घायल. संतोष उर्फ बासुदेव दा शामिल.
लातेहार में भी अनिल तुरी और सुखलाल बिरंजिया 2018 के लैंड माइन विस्फोट (6 जवान शहीद), 2020 की हत्या और 2021 के आईईडी विस्फोट में शामिल रहे.
ये मामले दर्शाते हैं कि आत्मसमर्पित समूह ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों दोनों को निशाना बनाया था. आईईडी विस्फोटों की श्रृंखला ने क्षेत्र में आतंक का माहौल बनाया था.
ऑपरेशन नवजीवन-II और 2026 की व्यापक उपलब्धियां
यह आत्मसमर्पण अचानक नहीं हुआ. झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई और संगठन के अंदरूनी संकट ने मिलकर यह माहौल बनाया. 21 मई 2026 को 27 नक्सली (एसजेडसीएम-7, एसीएम-7, दस्ता सदस्य-13) पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके थे. 13 जुलाई को 20 लाख के इनामी रवींद्र गंझू (आरसीएम) और 17 जुलाई को 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर (एसएसी) की गिरफ्तारी तथा बबीता उर्फ अनिता किस्कू (एसीएम) का आत्मसमर्पण भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है. वर्ष 2026 में अब तक 93 नक्सली गिरफ्तार, 45 आत्मसमर्पण (इन 16 सहित) और मुठभेड़ों में 22 नक्सली मारे जा चुके हैं. इसी दस्ता के 8 और सदस्य (3 पुरुष, 5 महिला) छत्तीसगढ़ में भी आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में हैं. इनमें जोनल कमेटी और एरिया कमेटी सदस्य शामिल हैं.
नक्सलवाद अंतिम चरण की ओर
इस आत्मसमर्पण का महत्व सिर्फ संख्या में नहीं है. कोल्हान-सारंडा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क का बड़ा हिस्सा अब या तो समाप्त हो चुका है या मुख्यधारा में लौट रहा है. पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के जिलों में माओवादी गतिविधियां लगभग समाप्ति की कगार पर पहुंच गई हैं. संगठन के अंदर शोषण और भय का माहौल, नेतृत्व का कमजोर होना और सुरक्षा बलों का निरंतर दबाव—ये तीन कारक मिलकर नक्सलियों को हथियार छोड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

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