JSSC CGL फर्जीवाड़े की परतें खुलेंगी? अभय तिवारी से SIT करेगी 5 दिन पूछताछ
JSSC CGL Scam: झारखंड में JSSC CGL परीक्षा-2023 से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है. CID की SIT ने अभय कुमार तिवारी को 5 दिन और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय कुमार तिवारी को 2-2 दिन की रिमांड पर लिया है.

Ranchi News: झारखंड में JSSC CGL परीक्षा-2023 से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच अब और तेज हो गई है. CID की SIT ने मामले में प्रमुख संदिग्ध बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है. अभय से पांच दिन, जबकि उसकी पत्नी और भाई से दो-दो दिन पूछताछ की जाएगी. इससे पहले जांच टीम 18 संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ कर चुकी है. अब उनके बयानों और आरोपियों से मिली जानकारी का मिलान किया जा रहा है. SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा है, किन लोगों ने अभ्यर्थियों की मदद की और परीक्षा के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी क्या इसी तरह की भूमिका रही है. पूछताछ के दौरान सामने आए नए नामों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है.
अभय तिवारी से पांच दिन होगी पूछताछ
SIT ने अभय कुमार तिवारी को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है. उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी से दो-दो दिन पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसी का फोकस कथित फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी और उसमें शामिल लोगों की भूमिका पता करने पर है. तीनों को इससे पहले 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया गया था.
18 संदिग्ध अभ्यर्थियों से भी पूछताछ
जांच के दौरान JSSC CGL परीक्षा में सफल 18 संदिग्ध अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की गई है. SIT अब इन अभ्यर्थियों के बयान और आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही है. जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि इन अभ्यर्थियों ने किन-किन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की और उनके चयन में किसी व्यक्ति या गिरोह की कथित भूमिका रही थी या नहीं.
JPSC मेधा घोटाले से भी जुड़ा रहा है नाम
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय कुमार तिवारी का नाम पहले JPSC मेधा घोटाले की जांच में भी सामने आया था. उस समय वह गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर के पद पर तैनात था. जांच में उसका संबंध JPSC की परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी से भी बताए जाने की बात सामने आई थी. इसी मामले की जांच के दौरान उसकी गिरफ्तारी हुई थी. अब JSSC CGL मामले में उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है.
पत्नी और भाई की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच
CGL मामले में सुषमा कुमारी और अक्षय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी 18 अगस्त को हुई थी. इससे पहले अभय तिवारी को 22 जुलाई को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था. मामले में CID थाना में 1 जनवरी 2025 को केस दर्ज किया गया था. SIT अब तक 37 से अधिक संदिग्धों और आरोपियों के बयान दर्ज कर चुकी है. पूछताछ में सामने आए नए नामों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
तीन आरोपी अभ्यर्थी जेल भेजे गए
14वीं JPSC परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए सफलता हासिल करने के आरोप में रिमांड पर लिए गए तीन अभ्यर्थियों की पुलिस रिमांड शनिवार को समाप्त हो गई. इसके बाद उमाकांत उरांव, मनोज कुमार और रोशन केरकेट्टा को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया. जांच में उमाकांत उरांव पर अभ्यर्थी के अलावा कथित तौर पर एजेंट की भूमिका में होने की बात भी सामने आई है. SIT अब पूरे मामले में आरोपियों, संदिग्ध अभ्यर्थियों और कथित नेटवर्क के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है.

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